मुखिया और सरपंच के लिए बुरी खबर! पंचायत चुनाव से पहले ढाई लाख जनप्रतिनिधियों को लगेगा तगड़ा झटका

0
16

पटनाः बिहार में कोरोना की वजह से पंचायत चुनाव कराना फिलहाल असंभव दिख रहा है. पंचायतों का कार्यकाल अब सिर्फ एक महीना रह गया है. लेकिन वर्तमान हालात में चुनाव कराना संभव नहीं है. अब माना जा रहा है कि सरकार अगले पंचायत आम चुनाव संपन्न होने तक विशेष परिस्थिति में ढ़ाई लाख प्रतिनिधियों के कर्तव्यों के निर्वहन की जिम्मेदारी निभाने के लिए सभी स्तर प्रशासकों की नियुक्ति कर दिये जाये.

इसकी जिम्मेवारी बीडीओ, एसडीओ और जिला उप विकास आयुक्तों को मिल जायेगी. दूसरी तरफ पंचायत आम चुनाव संपन्न नहीं होने की स्थिति में मुखिया महासंघ ने मुख्यमंत्री को कार्यकाल विस्तार करने को लेकर अनुरोध पत्र लिखा है. बिहार में पंचायत आम चुनाव कराने की जिम्मेवारी राज्य निर्वाचन आयोग पर है.

पंचायत आम चुनाव पर आयोग की चुप्पी

वहीं, राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा सभी तैयारियों के बाद पंचायत आम चुनाव कराने के लेकर मौन है.आयोग अब तक ने चुनाव कराने की न तो घोषणा की और नहीं स्थगित करने का निर्णय लिया है. ऐसा माना जा रहा है कि लॉकडाउन के बाद आयोग का कार्यालय खुलने के बाद इस पर निर्णय लिया जायेगा. आम चुनाव नहीं होने से राज्य के 8000 पंचायतों के मुखिया, सरपंच, एक लाख 10 हजार वार्डों के वार्ड सदस्य और पंचों का पद रिक्त हो जायेगा.

ये भी पढ़ेंः चुनाव आयोग ने दिया तगड़ा झटका! ऐसे लोग नहीं लड़ सकते पंचायत चुनाव, देखें पूरी लिस्ट

इसके साथ ही पंचायत समिति सदस्यों के 11497 पद और जिला परिषद सदस्यों के 1161 पद रिक्त हो जायेंगे. इन सदस्यों को कार्यकाल 10 जून से 30 जून तक पूरा हो रहा है. हालांकि, पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह माना जा रहा है कि सरकार पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यकाल का विस्तार नहीं दे सकती है. इसके लिए विशेष प्रावधान करना होगा. पंचायत आम चुनाव को लेकर सरकार की ओर से भी अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है. यह माना जा रहा है कि कैबिनेट की बैठक में इस संबंध में कोई प्रस्ताव आयेगा.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here