कोरोना वायरस महामारी के इस संकट ने लोगों के जीने के तरीके को ही बदल कर रख दिया. ऐसे ही कुछ लोगों ने अपनी व्यथा सुनाई. इनमें लॉकडाउन के बाद बड़ी मुश्किल से हरियाणा के पानीपत से लौटे मजदूरों के एक जत्था भी शामिल है. इनके सवालों का एक जवाब सुन आप भी कुछ देर तक सोचने को मजबूर हो जाएंगे. आखिर क्यों घर छोड़कर बाहर कमाने गए? इन सबका जवाब मजबूरी ही था.

मजदूरों का कहना है कि पैसे कमाने के लिए घर-परिवार छोड़ कर परदेश कमाने गए थे. मगर अब उसी पैसे की कमी के चलते गांव लौटने को मजबूर हैं. ज्यादातर मजदूरों का कहना है कि जहां नौकरी कर रहे थे, लॉकडाउन के चलते वहां से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. इसके बाद जब पैसा था, तब तक जिंदगी चल रही थी. मगर पैसे खत्म होते चले गए. ऐसे में घर लौटने के अलावा कोई और रास्ता नहीं रह गया था. घर आए इन लोगों के चेहरे पर परिवार की परवरिश की चिंता भी है. इन प्रवासियों का कहना है कि कम ही कमाएंगे, घर में ही कमाएंगे मगर अब ऐसी स्थिति में परदेश नहीं जाएंगे.

Immediately Receive Daily CG News Updates

नवादा के इन मजदूरों ने बताया कि वे पिछले सात-आठ सालों से हरियाणा के पानीपत में सूता फैक्ट्री में काम कर रहे थे. लॉकडाउन के चलते कामकाज ठप हो गया था. नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. पैसे की कमी के कारण वापस लौटने को मजबूर होना पड़ा. खाने को कुछ नही बचा था लिहाजा घर वापस लौटने की ठानी. लिहाजा पैदल इस लंबे सफर पर निकल गए. सैकड़ों किलोमीटर की दूरी पैदल तय की. बीच रास्ते में कभी ट्रैक्टर तो कभी मालवाहक वाहनों का सहारा लिया. आरजू-विनती करते हुए उन वाहनों के सहारे भी दूरी तय की. रास्ते में खाने-पीने को जो मिला खा लिए. इस दौरान सभी को काफी परेशानी हुई.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *