New Bridge In Bihar : नदियों की अधिक संख्या वाले राज्य बिहार में सबसे बड़ी जरूरत पुलों की है। खास कर उत्तर बिहार तो नदी संपदा से परिपूर्ण है। उत्तर बिहार में नदियों की अधिक संख्या की वजह से आवागमन को सुलभ बनाने हेतु पुलों का निर्माण काफी जरूरी है। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार राज्य के अलग-अलग इलाकों में कई छोटे बड़े पुलों का निर्माण करा रही है। वर्तमान में राज्य में 5 बड़े पुलों का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके साथ ही तीन और नए पुलों का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने की जानकारी मिली है।

New Bridge In Bihar

New Bridge In Bihar : आइए जानते हैं उन पांच पुलों के बारे में, जिनका निर्माणकार्य जारी है।

  1. कच्ची दरगाह-बिदुपुर के बीच छह लेन के पुल का निर्माणकार्य जारी है। इस पुल के बनने मे करीब 5000 करोड़ रुपए की लागत आएगी। कहा जा रहा है कि यह राज्य का सब्सेलंबा पुल होगा जिसकी लंबाई 9.76 किमी होगी। इस पुल के निर्माण का कार्य 16 जनवरी 2017 को शुरू हुआ था। संभावना है कि 2024 तक पुल बनकर तैयार हो जाएगा।
  2. सुल्तानगंज से अगवानी घाट के बीच करीब 1710 रुपए खर्च कर 160 मीटर लंबा पुल बनाया जा रहा है। इस पुल का निर्माणकार्य से शुरू हुआ है और अनुमान है कि जून 2022 तक इसका निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। हाल ही में तेज आंधी से इस पुल का सुपर स्ट्रक्चर गिर गया है। ऐसे में निर्माण कार्य पूरा होने में अभी और ज्यादा वक़्त लगेगा।
  3. राजेंद्र सेतु के समानांतर सिमरिया में रेल-सह-सड़क पुल का निर्माण चल रहा है। इस कार्य में 1491 करोड़ रुपए की लागत आएगी। 2016 में यह निर्माणकार्य शुरू हुआ था। अगले साल तक इसके पूरा होने की संभावना है।
  4. 1599 करोड़ रुपये की लागत से बख्तियारपुर-ताजपुर पुल का निर्माण कार्य जारी है। 30 नवंबर 2011 से इस पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। इसकी लंबाई लगभग 5.52 किलोमीटर है। 31 जुलाई 2019 तक इस पुल के निर्माणकार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन इसके निर्माण कार्य में देरी हो गई है।
  5. बक्सर से भोजपुर के बीच ढाई किलोमीटर लंबे पुल का निर्माण चल रहा है। 14 मई 2018 में यह शुरू हुआ था। इसे 2021 में बनकर तैयार होना था, लेकिन अब इसमें भी देरी हुई है। इसे अगले 1 साल के अंदर पूरा कर लिए जाने की उम्मीद है।

New Bridge In Bihar : इन नए पुलों का होगा निर्माण।

  1. कटिहार जिले के मनिहारी से झारखंड के साहिबगंज के बीच उन्नीस सौ करोड़ रुपए की लागत से पुल बनाने बनाने में करीब 36 महीने लगने की संभावना है।
  2. विक्रमशिला सेतु के समानांतर करीब 4.5 किलोमीटर लंबा पुल 1110 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण होना है। यह 42 महीने में पूरा होगा।
  3. महात्मा गांधी सेतु के समानांतर 5 किलोमीटर लंबे पुल का निर्माण करीब 3000 करोड़ की लागत से अक्टूबर में होने की संभावना है मार्च 2024 में इसका निर्माण पूरा होने की संभावना है।

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