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New Power Grid In Patna : बिहार सरकार लगातार राज्य के विकास कार्यों में प्रयासरत है। हर क्षेत्र में विकास हेतु कई कदम उठाये जा रहे हैं। इसी कड़ी में राज्य में बिजली व्यवस्था में बेहतरी लाने के लिये भी पहल की गयी है। बिहार की राजधानी पटना में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था को लगातार बेहतर किया जा रहा है। हाल ही में जक्कनपुर ग्रिड बनकर तैयार हुआ है। इस साल दिसंबर तक बोर्ड कॉलोनी का ग्रिड भी बनकर तैयार हो जाएगा।

मिली जानकारी के अनुसार 132/33 केवीए के इस ग्रिड का निर्माण कार्य 80 फीसदी तक पूरा कर लिया गया है। ग्रिड में 80-80 एमवीए के दो पॉवर ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। इससे पटना शहर को 128 मेगावाट बिजली मिलेगी। यह ग्रिड दीघा ग्रिड से कनेक्ट होगा।

New Power Grid In Patna

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New Power Grid In Patna : वीवीआईपी इलाके को सीधा फायदा मिलेगा

आपकी जानकारी के लिये बता दें कि दीघा ग्रिड से 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन को 132 केवीए में कन्वर्ट कर बोर्ड कॉलोनी ग्रिड को आपूर्ति को सुनिश्चित किया जायेगा। इससे 132 केवीए ट्रांसमिशन लाइन को 33 केवीए में कन्वर्ट कर पावर सब स्टेशन की आपूर्ति होगी। इससे वीवीआईपी इलाके को सीधा फायदा मिलेगा। मिली जानकारी के अनुसार इसमें राजभवन, सचिवालय, मुख्यमंत्री आवास सहित आसपास के इलाके में जब-तब बिजली कटने की समस्या से लोगों को निजात मिलेगी।

इसके साथ ही दीघा से बोर्ड कॉलोनी तक 132 केवीए भूमिगत केबल ले जाने के लिए पहली बार यूटीलिटी ट्रेंच बन रहा है। बिजली कंपनी की तरफ से आरसीडी के सहयोग से साढ़े छह किमी लंबा यूटिलिटी ट्रेंच बनाया जा रहा है। इस तकनीक से केबल की गड़बड़ी होने की संभावना ना के बराबर होगी। ट्रेंच पर बोर्ड भी लगा रहेगा, ताकि ट्रेंच के आसपास किसी तरह की खुदाई ना की जा सके।

शहर में जमीन की किल्लत के कारण जीआईएस तकनीक आधारित ग्रिड का निर्माण किया जा रहा है, जिससे कम जगह में ग्रिड तैयार किया जा रहा है। पहले ग्रिड बनाने के लिए 8 से 10 एकड़ जमीन की जरूरत होती थी, लेकिन नयी तकनीक में केवल ट्रांसफॉर्मर बाहर रहता है। इसके अलावा सभी सिस्टम एक पैनल के नीचे होते हैं। इसका नाम गैस इंसुलेटेड सिस्टम रखा गया है। इस सिस्टम को ठंडे गैस से संचालित किया जाता है। इसके लिए करीब 3 एकड़ जमीन की जरूरत होती है। इसे बनाने में खर्च पहले की तुलना में बढ़ गया है।

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