पटना: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार बिहार पर मेहरबान है. राज्य को कई योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है. वहीं, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार को 541 करोड़ की नई सौगात दी। इस दौरान पीएम ने अपने संबोधन में इशारों ही इशआरों मे लालू लालू फैमली पर जमकर प्रहार किया. उन्हों कहा कि आजादी के बाद बिहार में कुछ दिनों के लिए ऐसे लोग आ गए थे जिन्होंने यहां गरीबों के मन को बदल दिया। यहां के गरीब गरीबी, बीमारी को नियती मानकर बैठकर गए थे.

पीएम नरेंद्र मोदी ने संबोधन में कहा कि एक दौर ऐसा भी आया जब मूल सुविधाओं के बजाय प्रथामिकताएं और प्रतिबद्धताएं पूरी तरह बदल गई. जिसके कारण राज्य में गर्वनेंस से फोकस हट गया. परिणाम ये हुआ कि राज्य के गांव और ज्यादा पिछड़ गए. समृद्धि के प्रतीक शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ती आबादी और बदलते समय के हिसाब से अपग्रेड हो ही नहीं पाया. सड़कें, गलियां, पीने का पानी, सीवरेज की समस्या खत्म करने के बजाए जमीन से जुड़े काम घोटालों की भेंट चढ़ गए.

महिलाओं और गरीबों का जीना मुहाल

पीएम ने कहा कि बिहार के लोगों ने इस दर्द को दशकों तक सहा है. पानी और सीवरेज जैसी समस्याओं को लंबे समय तक नहीं सुलझाने से सबसे ज्यादा दिक्क महिलाओं को हुआ है. गरीब, दलित, पिछड़ों, और अति पिछड़ों को भी इसका दंश झेलना पड़ा है. गंदगी में रहने से और गंदा पानी पीने से लोगों को बीमारियां होती हैं. ऐसे में उसकी कमाई का बड़ा हिस्सा ईलाज में लग जाता है. कई बार परिवार कर्ज में दब जाता है. इन परिस्थितियों में बिहार के बड़े वर्ग के लोगों ने बीमारी, गरीबी को अपना भाग्य मान लिया. गरीब के साथ इससे बड़ा अन्याय क्या हो सकता है.
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