पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज पटना स्थित पीएमसीएच के नए भवन का शिलान्यास किया. 5462 बेड वाले नए भवन के शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ-साथ उपमुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद, रेणु देवी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद भी मौजूद रहे.

खास बात ये है कि इसे लेकर बिहार सरकार ने बड़े दावे किए हैं. सरकार की ओर से कहा गया है कि पीएमसीएच का नया भवन बनने के बाद यह देश का सबसे बड़ा अस्पताल होगा.स्टाफ क्वार्टर और हॉस्टल बनाने की भी योजना कि बात की गई.

5440 करोड़ खर्च करेगी सरकार 

बता दें कि बिहार सरकार इस नए भवन के निर्माण पर 5,440 करोड़ रुपए खर्च करेगी. पीएमसीएच के नए कैंपस में अस्पताल के फैकल्टी और कर्मचारियों के लिए आवास की भी सुविधा होगी. इनके लिए 644 घर बनाए जाएंगे जबकि यहां पढ़ने वाले मेडिकल छात्र-छात्राओं के लिए 1626 बेडेड होस्टल भी बनेगा. 550 नर्सों के लिए छात्रावास के साथ-साथ 360 स्टूडियो अपार्टमेंट भी बनाए जाएंगे.

78 लाख वर्गफीट में बनेगा भवन 

बता दें कि हॉस्पिटल को बेहतरीन और सुविधा पूर्ण बनाने का खास ख्याल रखा गया है. इसी वजह से 715 बेड का धर्मशाला और 1,500 सीट वाला ऑडिटोरियम भी नए प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है. भवन के पास पार्किंग की कुल क्षमता 3,334 वाहनों की होगी. यह पूरा स्ट्रक्चर भूकंप रोधी होगा. पीएमसीएच के नए भवन का एरिया 78 लाख वर्गफीट होगा. इसके ऊपर एयर एंबुलेंस के लिए हेलीपैड का निर्माण कराया जाएगा. अस्पताल में 487 बेड की इमरजेंसी यूनिट के साथ-साथ ऑपरेशन थिएटर भी बनाए जाएंगे.

अस्पताल को सात साल के बजाय पांच में ही पूरा करें- CM

साथ ही सीएम नीतीश कुमार ने कहा, मैं तो अनुरोध करूंगा इसे 7 साल नहीं 5 साल में पूरा करें. सरकार इसमें पूरी मदद करेगी. वैसे ही हम लेट हो गए हैं. उन्होंने कहा कि अन्य जिलों के अस्पतालों के भी विकास को मंजूरी दे दिया है ताकि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लोगों को बाहर जाना ना पड़े.उन्होंने कहा काम जल्दी पूरा होने के लिए लोगों को नियुक्त किया जाना है तो किया जाएगा. सभी लोग मिलकर एक कमिटी बनाएं और मॉनिटरिंग करते रहे. अन्य एक्सपर्ट की जरूरत पड़े तो वो भी उपलब्ध कराएंगे.

किसान आंदोलन बिहार का मुद्दा नहीं- नीतीश

किसान आंदोलन को लेकर सीएम ने मीडिया से बातचीत की जिसमें उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का निदान निकाला जा सकता है. मुझे पूरा भरोसा है कि किसानों की समस्या का निदान बातचीत से होगा. उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन बिहार का मुद्दा नहीं है. हम लोगों ने 2006 में बाजार समिति को खत्म कर दिया है.

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