गोपालगंजः बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम में कई उलटफेर देखने को मिला है. खासकर, बीजेपी जेडीयू के कई मंत्रियों को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है. जिले की बैकुंठपुर विधानसभा सीट से बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष मिथिलेश तिवारी को भारी अंतर से हार का सामना करना पड़ा है. बीजेपी विधायक को पराजित करने वाला कैंडिडेट चर्चा में हैं.

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नवनिर्वाचित विधायक कुछ महीने पहले ही पटना में शराब पीने के जुर्म में जेल की हवा खा चुके हैं. बैकुंठपुर विधानसभा सीट से आरजेडी के नवनिर्वाचित प्रेमशंकर प्रसाद की पहली बार विधायक बने हैं. हालांकि, 2015 में प्रेमशंकर की मां मनोरमा देवी भी निर्दलीय चुनाव लड़ते हुए करीब 30 हजार वोट हासिल कर चुकी हैं. इस बार RJD ने प्रेमशंकर प्रसाद को अपना उम्मीदवार बनाया था जो शराबबंदी तो नहीं लेकिन पार्टी के उम्मीदों पर खरे उतरे.

बीजेपी विधायक को दी करारी शिकस्त
प्रेमशंकर प्रसाद स्वर्गीय पूर्व विधायक देवदत्त राय के बेटे हैं. जिन्होंने सीटिंग विधायक मिथिलेश तिवारी को 11,113 मतों के भारी अंतर से हराया है. बता दें कि महागठबंधन की लहर में मिथिलेश तिवारी पहली बार 2015 में विधायक बने थे. बीजेपी ने उनका कद बढ़ाते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष का पद सौंपा हैं.
निर्दलीय कैंडिडेट ने रास्ता किया क्लीयर
हालांकि, आरजेडी कैंडिडेट के जीत के पीछे निर्दलीय सह पूर्व विधायक मंजीत सिंह का बड़ा हाथ रहा. जेडीयू से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय ही बैकुंठपुर से चुनाव मैदान में उतर गए. एनडीए के वोटों का बिखराव हो गया और RJD ने यहां से बाजी मार ली. बैकुंठपुर में RJD के प्रेमशंकर को कुल 67,807 वोट मिले. दूसरे नम्बर पर रहे मिथिलेश तिवारी को 56,694 मत हासिल हुए जबकि निर्दलीय चुनाव लड़ रहे मंजीत सिंह को 43,354 वोट प्राप्त हुआ.

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