0Shares

Raids On Drug Inspector : कई बार भ्रष्टाचारी अधिकारियों की काली कमाई सामने आने की खबरें सुनाई देती हैं। इनके यहां से बेहिसाब रूपया, जेवरात आदि निकलते हैं। इस बार बिहार में भी कुछ ऐसा ही हुआ है। एक अधिकारी के घर से यहां बोरे में भरे नोटों का अंबार निकला है। सिर्फ इतना ही नहीं यहां सोने चांदी की भी भरमार देखने को मिली। आइये जानते हैं क्या है मामला….

बिहार में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की तरफ से शनिवार को पटना के ड्रग इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार के चार ठिकानों पर एक साथ छापा मारा गया। यह छापेमारी पटना सिटी के सुल्तानगंज स्थित उनके कार्यालय व आवास, दानापुर के गोला रोड स्थित फार्मेसी कॉलेज और गया शहर स्थित मनोरमा अपार्टमेंट के फ्लैट में हुई।

छापेमारी के दौरान ड्रग इंस्पेक्टर के घर से अभी तक लग भग चार करोड़ कैश और 38.27 लाख के जेवर बरामद किये गये हैं। जब्त रकम की गिनती नोट गिनने वाली मशीन से की गई। साथ ही छापेमारी में लगभग 1 किलो सोना और 3 किलो चांदी भी बरामद हुई है। इतनी भारी संख्या में कैश बरामद किया गया कि उन्हें गिनने के लिये नोट गिनने की मशीन लगानी पड़ी। इसके अलावा 5 जगहों पर जमीन जायदाद के कागजात बरामद हुए हरैं और साथ ही चार लग्जरी गाड़ियां भी जब्त की गयी है।

Raids On Drug Inspector

Also Read : Bihar Nagar Nikay Chunav 2022 : आखिर कब होंगे बिहार में नगर निकाय चुनाव, जानें क्यों हो रही है देरी

Raids On Drug Inspector : जितेंद्र कुमार के ठिकानों पर छापेमारी की गई

निगरानी विभाग के डीएसपी सुरेंद्र कुमार मौआर ने बताया कि आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में ड्रग इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की गई है। इसी FIR के आधार पर जितेंद्र कुमार के ठिकानों पर छापेमारी की गई है। अभी तक भारी मात्रा में कैश, कई जमीन के कागजात, सोने चांदी के आभूषण, चार लग्जरी कार समेत कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं। जितेंद्र कुमार ड्रग इंस्पेक्टर रहते हुए ही गोला रोड (दानापुर) स्थित इंडियन कॉलेज ऑफ फॉर्मेसी के निदेशक भी हैं।

अब तक की जांच के आधार पर माना जा रहा है कि करोड़ों की नकदी, सोना-चांदी, कॉलेज भवन और कई भूखंड इनकी काली कमाई का हिस्सा है। जब्त किये गये कागजात के अनुसार गया, पटना, नोएडा समेत व अन्य शहरों में इनकी जमीन-जायदाद हैं। जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट हो पायेगा कि इनका रकवा और मूल्य कितना है। बैंकों में जमा राशि की भी जांच चल रही है। एसआईपी, शेयर समेत अन्य माध्यमों में निवेश से जुड़े कई कागजात भी मिले हैं।

Leave a comment

Your email address will not be published.