गवर्नर कोटे से एमएलसी मनोयन पर जेडीयू में दो फाड़, पार्टी प्रवक्ता ने सीएम नीतीश के खिलाफ खोल दिया मोर्चा

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पटनाः बिहार में राज्यपाल कोटे से नेताओं के एमएलसी के मनोयन होते ही बवाल मचा है. जेडीयू-बीजेपी ने आपस में 6-6 सीटें बांट ली. सहयोगी पार्टी हम और वीआईपी के हाथ खाली रह गए. ऐसे में हम प्रमुख और पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने खासी नाराजगी जताई है. दूसरी तरफ जेडीयू प्रवक्ता नो नीतीश कुमार के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है.

जेडीयू के प्रवक्ता राजीव रंजन ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा है कि पार्टी ने मेरे साथ अन्याय किया है. पार्टी में निष्ठा, कर्तव्य परायणता और योग्यता की राजनीति की पूछ नहीं है. नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए राजीव रंजन ने कहा कि नीतीश कुमार समाज के हर वर्गों को लेकर साथ चलते थे लेकिन आज सिर्फ एक जाति विशेष की उपेक्षा हुई है.

पार्टी से नाराज हुए प्रवक्ता राजीव रंजन

कायस्थ बिरादरी से आने वाले राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि एमएलसी मनोयन से पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को क्या संदेश देना चाहती है वह साफ हो गया है. पार्टी में कार्यकर्ताओं के लिए जगह होनी चाहिए. पार्टी का निर्णय पीड़ादायक है और मुझे इस बात का अफसोस है कि पार्टी ने मेरे पक्ष में निर्णय नहीं लिया है.

उपेंद्र कुशवाहा का नाम सबसे अहम

बता दें कि बुधवार को बिहार में राज्यपाल के कोटे से विधान परिषद जाने वाले 12 सदस्यों के नाम की घोषणा हुई. इस लिस्ट में सबसे अहम नाम उपेंद्र कुशवाहा का है जबकि दो मंत्रियों अशोक चौधरी और जनक राम को भी इसी कोटे से विधान परिषद भेजा गया है. वहीं, मनोयन के बाद जेडीयू और एनडीए में जमकर बवाल मचा है.

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