पटना: रूपेश सिंह हत्याकांड में पुलिस की रोड रेज की थ्योरी पर पीड़ित परिजनों के साथ-साथ आरोपी के परिजनों को यकीन नहीं हो रहा है. पुलिस ने कहा था कि रूपेश हत्याकांड में गिरफ्तार रितु राज सनकी और गुस्सैल है. उसे हर मुहल्ले के युवक जानते हैं.

रितु राज की मां पेशे से सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं. मां पुष्पा का कहना है कि उनका बटा गुस्सैल नहीं है. वह दो मिनट में शांत हो जाता है. हम उसे कभी-कभी डांटते थे तो भी वह फौरन शांत हो जाता था. उसके मन में कुछ नहीं रहता है. गाड़ी से टक्कर कि वारदात डेढ़ माह पहले हुई थी. इतने दिन तक वह किसी बात को अपने मन में नहीं रख सकता है. मामूली विवाद में वह किसी कि हत्या नहीं कर सकता.

प्रताड़ित कर करवाया गया कबूल 

रितुराज के मां का कहना है कि पुलिस ने उसे प्रताड़ित कर कबूल कराया है. उसकी आपराधिक छवि नहीं रही है. वह कभी जेल नहीं गया. वहीं रितु राज के ससुर शैलेंद्र का कहना है कि पुलिस उसे घर से पकड़कर ले गई थी. घर से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है. पुलिस जो हथियार बरामद करने की बात कर रही है वह उनकी सोची समझी चाल है. पुलिस ने रितु राज को बलि का बकरा बनाया है.

डिप्रेशन में चल रहा परिवार 

उन्होंने कहा कि पुलिस उस दिन का सीसीटीवी फुटेज लाए जिस दिन रूपेश की कार से उसकी बाइक की टक्कर हुई और घटना के दिन रितु राज का सीसीटीवी फुटेज लाए. फिर दोनों फुटेज को मिलाए कि क्या दोनों फुटेज रितु राज का ही है? पूरा परिवार डिप्रेशन में चला गया है.

हर मुहल्ले में जानते हैं लोग

पुलिस ने दावा किया था कि रितु राज को हर मुहल्ले के लोग जानते हैं. खेमनीचक के आदर्श कॉलोनी रोड नंबर 2 में जहां उसका परिवार रहता है वहां के लोग उसे जानते हैं. घर से करीब 500 मीटर दूर पूर्वी कन्हाईनगर, चमनचक में जहां पुलिस ने अलग डेरा लेकर रहने की बात कही थी, आसपास के लोग उसे जानते हैं. हालांकि एक मीडिया संस्थान ने जब आदर्श कालोनी में रितु राज के बारे में पूछताछ की तो उसे लोग नहीं जानते.

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