पटना: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर दोनों गठबंधन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है. एनडीए से लेकर महागठबंधन तक सीटों के बंटवारे को लेकर पेंच फंसा हुआ है. महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर पहले ही हम और रालोसपा पार्टी अलग हो गई है. वहीं, कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की समझ पर सवाल खड़े किए हैं जिस पर आरजेडी ने पलटवार किया है.

बिहार कांग्रेस प्रभारी का कहना है कि तेजस्वी युवा चेहरा हैं. वहीं, जो कम अनुभवी लोग होते हैं, उन्हें लोग गुमराह भी करते हैं. सीटों के बंटवारे को लेकर देर बहुत हो गई है. गेंद आरजेडी के पाले में हैं जो बातें हुई हैं, उस पर निर्णय जल्दी हो जाए. शक्ति सिंह गोहिल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि 2009 के लोकसभा चुनाव और 2010 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी कांग्रेस के बगैर चुनाव लड़ चुकी है जिसका नतीजा सबके सामने है.

शक्ति सिंह गोहिल (फाइल फोटो)
शक्ति सिंह गोहिल (फाइल फोटो)

गोहिल के बयान से आरजेडी नाराज

बिहार कांग्रेस प्रभारी के बयान पर आरजेडी ने पलटवार किया है. आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस को हठधर्मिता छोड़नी चाहिए. आरजेडी नेता ने कहा कि कांग्रेस प्रभारी को बिहार में एनडीए को हराने के लिए शक्ति लगानी चाहिए जबकि वह तेजस्वी के ऊपर सवाल खड़ा कर रहे हैं. उन्हें बिहार की स्थिति के बारे में जानकारी नहीं हैं. आरजेडी नेता ने कांग्रेस को चेतावनी भरे लहजे ने कहा कि अगर कांग्रेस हमें छेड़ेगी, तो हम छोड़ेंगे नहीं.

गोहिल ने किया पुराने चुनाव का जिक्र

वहीं, शक्ति सिंह गोहिल का कहना है कि 2015 के विधानसभा चुनाव में लालू यादव ने अपनी सूझबूझ दिखायी थी. लालू प्रसाद ने विरोधी को हराने के लिए तुरंत कांग्रेस से गठबंधन कर लिया था. उसका परिणाम सभी लोगों के सामने हैं. इस समय अगर लालू प्रसाद रहते तो ऐसी स्थिति नहीं रहती. जबकि तेजस्वी इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं.
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