पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर कई दलों का बिहार में अलग-अलग गठबंधन बना है. चुनाव से ऐन वक्त पहले महागठबंधन से अलग हुए रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन किया है. अब दोनों दलों ने बिहार में सीटों का बंटवारा कर लिया. रालोसपा बिहार में बसपा से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ेंगी.

रालोसपा बिहार की 153 सीटों पर चुनाव लड़ेगी जबकि बसपा के 90 कैंडिडेट अपना किस्मत आजमाएंगे. इसमें उसे जनवादी शोसलिस्ट पार्टी के अलावा इस गठबंधन में शामिल अन्य दलों को भी समायोजित करना होगा. इनमें पहले चरण की 35 सीटें शामिल है जहां, चुनाव होंगे. सुत्रों के मुताबिक ओवैशी की पार्टी से भी बातचीत चल रही है. इसके अलावा 2-3 अन्य छोटे-छोटे दलों से बातचीत जारी है.

upendra kushwaha
उपेंद्र कुशवाहा ( फाइल फोटो )

ये भी पढ़ेंः बसपा के साथ गठबंधन कर उपेंद्र कुशवाहा बने नया विकल्प, नीतीश तेजस्वी का बिगाड़ेंगे गेम!

महागठबंधन छोड़ बनाया नया गठबंधन 

बता दें कि इस बार रालोसपा एनडीए के बाद महागठबंधन में चली गई थी. हालांकि, लोकसभा चुनाव में हार के बाद आरजेडी ने उपेंद्र कुशवाहा को तवज्जो देना कम कर दिया. सीट शेयरिंग को लेकर कुशवाहा ने अलग होते हुए विधानसभा चुनाव के लिए बसपा और जनतांत्रिक पार्टी (सोशलिस्ट) के साथ गठबंधन किया है. कुशवाहा स्पष्ट तौर पर कह चुके हैं कि वर्तमान की नीतीश कुमार की सरकार को हटाने के लिए आरजेडी नेतृत्व सक्षम नहीं है. मुख्यमंत्री पद के लिए जो चेहरा (तेजस्वी यादव) पेश किया है, उसमें वह क्षमता नहीं है.

लालू नीतीश एक सिक्के के दो पहलू

कुशवाहा कह चुके हैं कि ”बिहार की जनता नीतीश कुमार के 15 सालों के कुशासन से मुक्ति चाहती है. दूसरी ओर, आरजेडी के गठबंधन में भी मुख्यमंत्री पद का चेहरा मजबूत नहीं है और लोग इनके 15 साल के शासन के इतिहास को भी याद करते हैं. ऐसे में दोनों जनता में विश्वास पैदा करने में विफल रहे हैं.”  पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जनता लालू और नीतीश दोनों के साथ नहीं जाना चाहती है क्योंकि दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं. ऐसे में प्रदेश की जनता एक विकल्प की तलाश में हैं.

Get Daily City News Updates

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *