पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव में जाने से पहले आरजेडी और जेडीयू अपनी-अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी है. आरजेडी ने मंत्री श्याम रजक को अपने पाले में कर जेडीयू को बड़ा झटका दिया जिसके जवाब में जेडीयू ने आरजेडी के कई विधायकों को अपने पाले में कर लिया. हालांकि, महागठबंधन में तरजीह नहीं मिलने से नाराज चल रहे शरद यादव पर जेडीयू ने डोरे डालने शुरू कर दिए हैं.

जनता दल यूनाइटेड के पूर्व अध्‍यक्ष शरद यादव बीमार चल रहे हैं. इलाज के लिए दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती भी हुए थे. इस दौरान जेडीयू के कई सीनियर लीडरों ने अपने पूर्व अध्यक्ष का कुशल क्षेम पूछा. वहीं, बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए शरद यादव से जेडीयू में वापस आने की अपील की. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शरद यादव बिहार विधानसभा चुनाव के पहले जेडीयू में वापसी संभव है. बताया जा रहा है कि इसके लिए जेडीयू के कई बड़े नेता सक्रिय हैं.

आरजेडी के टिकट पर हार गए थे चुनाव

बता दें कि बिहार में जेडीयू के महागठबंधन से अलग होने पर शरद यादव नीतीश कुमार से नाराज हो गए थे. पार्टी में राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष के पद से हटने के बाद शरद यादव ने जेडीयू छोड़ राष्ट्रीय लोकतांत्रिक जनता दल के नाम से अपनी पार्टी बनाई. साल 2019 में उन्‍होंने मधेपुरा से राष्‍ट्रीय जनता दल के टिकट से चुनाव भी लड़ा था. हालांकि, वहां उन्‍हें जेडीयू के दिनेशचन्द्र यादव ने करीब एक लाख वोटों के से अधिक वोटों से पराजित कर दिया.

Get Daily City News Updates

यादव वोटबैंक पर नीतीश की नजर

बता दें कि शरद यादव का बिहार में  खास कर कोसी क्षेत्र की राजनीति में अच्‍छा प्रभाव रहा है. विधानसभा चुनाव के पहले शरद को अपने पाले में लाकर जेडीयू लालू प्रसाद यादव के परंपरागत यादव वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश में है. इससे पहले भी पूर्व मंत्री रामलखन यादव के पोते विधायक जयवर्धन यादव को आरजेडी में शामिल कराकर यादव वोट बैंक में सेंधमारी करने की कोशिश की है.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *