पटनाः लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने जेडीयू अध्यक्ष और बिहार के सीएम नीतीश कुमार का नेतृत्व स्वीकारने से साफ इनकार कर दिया है. जेडीयू से तनातनी के बीच एनडीए से अलग होने का फैसला लिया है. एलजेपी जेडीयू के खिलाफ सभी सीटों पर अपना कैंडिडेट उतारेगी. इसका फैसला पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद लिया गया है.

एनडीए से एलजेपी के अलग होने से सीटों बंटवारा अब अलग तरीके से होगा. जानकारी के मुताबिक  बिहार में जेडीयू-बीजेपी 50:50 के अनुपात में विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए सहमत हो गई है. हालांकि, चिराग के अलग होने की स्थिति में जेडीयू ज्यादा सीटों की मांग कर सकती है. क्योंकि जेडीयू अपने कोटे से हम पार्टी को सीटें भी दे रही है. ऐसा होने पर बीजेपी को एक नई मांग से सहमत होने में परेशानी हो सकती है क्योंकि इसका मतलब है कि अपने हिस्से को कम करना पड़ सकता है.

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एलजेपी के बड़े नेता रहे मौजूद

 

बता दें कि एलजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में सभी नेताओं ने बिहार में एलजेपी और बीजेपी की सरकार बनाने का प्रस्ताव पास किया है. एलजेपी के सभी विधायक पीएम मोदी को और मजबूत करेंगे. बैठक में कोरोना के कारण पशुपति नाथ पारस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक से जुड़े रहे. वहीं, बैठक की अध्यक्षता पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान ने की. इसके अलावा सूरजभान सिंह , सांसद चंदन सिंह, सांसद वीणा देवी , राजू तिवारी, बिहार प्रदेश अध्यक्ष प्रिंस राज, काली पांडेय, अब्दुल खालिद भी मौजूद रहे.

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