पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर रोजाना नई-नई खबरें सामने आ रही है. रांची में लालू प्रसाद से मुलाकत करने वाले राजनेताओं का तांता लगा रहता है. वहीं, उनके पुत्र नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पटना में एनडीए के खिलाफ रणनीति बना रहे हैं. तेजस्वी यादव ने पुर्व सीएम जीतनराम मांझी के महागठबंधन छोड़ने का बाद इसकी भरपाई करने में जुटे हैं. वाम दलों को अपने पाले में करने के बाद कन्हैया की तरह ही एक युवा चेहरे को आरजेडी में लाने की कोशिश में हैं.

दरअसल, नेशनल शूटर श्रेयसी सिंह और उनकी मां व पूर्व सांसद पुतुल सिंह के साथ सियासत के मैदान में विरोधियों पर निशाना साध सकती हैं. श्रेयसी पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह व पूर्व सांसद पुतुल सिंह की बेटी हैं. जानकारी के मुताबिक जमुई स्थित अपने आवास पर समर्थकों के साथ बैठक कर इस पर अंतिम फैसला ले सकती हैं. फिलहाल पुतुल सिंह बीजेपी से नाता तोड़ने के बाद किसी दल में नहीं हैं. बांका लोकसभा सीट जेडीयू के पाले में जाने के कारण बीजेपी से बगावत कर पुतुल सिंह निर्दलीय ही चुनावी में उतरी थी.

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इस विधानसभा सीट से लड़ सकती हैं चुनाव

लोकसभा चुनाव में उनकी शूटर बेटी श्रेयसी सिंह ने मां के प्रचार लिए जमकर पसीना बहाई थी. हालांकि, पुतुल देवी को इस चुनाव में निराश हाथ लगी. लेकिन युवाओं के बीच में श्रेयसी सिंह काफी लोकप्रिय हो गई. श्रेयसी सिंह बांका या अमरपुर सीट से उनकी बेटी व नेशनल शूटर श्रेयसी सिंह भी चुनाव मैदान में उतर सकती हैं. बता दें कि श्रेयसी सिंह शूटर हैं जिन्होंने देश-विदेश में कई मेडल दिलाएं हैं. 2014 ग्लास्को राष्ट्रमंडल खेल में  निशानेबाज़ी की डबल ट्रैप स्पर्धा में रजत पदक प्राप्त किया. जबकि गोल्ड कोस्ट, ऑस्ट्रेलिया में 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में शूटिंग में स्वर्ण पदक जीता है. इसके अलावे भी उनकी झोली में ढेर सारे पदक हैं.

विरासत में मिला शूटिंग

श्रेयसी को बचपन से शूटिंग का शौक था. दूसरी बच्चियां जहां गुड़ियों और खिलौनों से खेलती जबकि उस उम्र लेकिन श्रेयसी को पिता और दादा की राइफल पसंद थी. श्रेयसी ने शुटिंग को अपना करियर चुना इस फैसले में उनके परिवार वालों ने बखूबी साथ दिया. श्रेयसी के पिता पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. दिग्विजय सिंह और दादा भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ के अध्यक्ष थे. पिता के देहांत के बाद मां पुतुल देवी सक्रिय राजनीति में आ गई. दिग्विजय सिंह के देहांत के बाद उन्होंने निर्दलीय ही उपचुनाव में जीत हासिल की.

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