नई दिल्लीः नरेंद्र मोदी सरकार की तरफ से लाए गए तीनों कृषि कानूनों पर फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली बेंच ने सुनवाई करते हुए कानूनों पर रोक लगाई है.वहीं, एक कमेटी का गठन किया गया है जो सरकार और किसानों के बीच कानूनों पर जारी विवाद को समझ कर सर्वोच्च अदालत को रिपोर्ट सौंपेगी.

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केंद्र सरकार की तरफ से लाये गए तीनों कृषि कानूनों का लंबे वक्त से विरोध हो रहा है. दिल्ली की सीमाओं पर हजारों की संख्या में किसान आंदोलन कर रहे हैं, इसी के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट के पास जा पहुंचा. मंगलवार की सुनवाई में किसानों की ओर से पहले कमेटी का विरोध किया गया. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि मामले का हल निकालना है तो कमेटी के सामने पेश होना होगा.

चार लोग कमेटी में शामिल

सुप्रीम कोर्ट ने ये भी साफ किया है कि कमेटी कोई मध्यस्थ्ता कराने का काम नहीं करेगी, बल्कि निर्णायक भूमिका निभाएगी. सुप्रीम कोर्ट की तरफ से गठित कमेटी में चार लोग शामिल होंगे. भारतीय किसान यूनियन के भूपेंद्र सिंह मान, डॉ. प्रमोद कुमार जोशी, अशोक गुलाटी (कृषि विशेषज्ञ) और अनिल घनवंत शामिल हैं. यह कमेटी अपनी रिपोर्ट सीधे सुप्रीम कोर्ट को ही सौंपेगी. रिपोर्ट आने तक कृषि कानून पर रोक रहेगी.

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