नीतीश के रहते सीएम बनने के चाहत को लेकर सुशील मोदी ने कही दिल की बात

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सुशील मोदी
सुशील कुमार मोदी

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा किसी भी दिन हो सकती है. ऐसे में सभी पार्टियां अपने-अपने कार्यकाल में किये गए काम को गिनवाने में लगी हुईं हैं. डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में विपक्ष पर जमकर हमला बोला. वहीं, मुख्यमंत्री पद के दावेदारी पर भी जवाब दिया.

डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कहा कि सीएम बनने के मुद्दे पर कहा कि ये मीडिया नहीं बल्कि पार्टी तय करती है कि किसे चुनाव में सीएम का चेहरा कौन होगा. हमारी आपस में कोई लड़ाई नहीं है. सुशील मोदी की माने तो इस बार का चुनाव लालूवाद और विकासवाद की लड़ाई है. उन्होंने कहा कि हमने राम राज का वादा नहीं किया, लेकिन जो कहा सो किया. हमने बिहार को नींव से बनाया है.15 साल में हमने बहुत काम किया. अब 50 साल की चीज को ठीक करने में मेहनत और वक्त लगता है.

चुनाव के समय पैकेज पर सफाई

चुनाव से पहले चुनावी घोषणा क्यों के सवाल पर सुशील मोदी ने कहा कि जो पीएम नरेंद्र मोदी के पैकेज की बात करते हैं. उन्हें राजीव गांधी पैकेज के बारे में भी सोचना चाहिए.1989 के लोकसभा चुनाव में राजीव गांधी बिहार आए और 5700 करोड़ की घोषणा की और चुनाव हार गए फिर कुछ भी याद नहीं रहा.

सुशील मोदी नीतीश कुमार (फाइल फोटो)
सुशील मोदी नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

मोदी नीतीश मिलकर कर रहे काम

पीएम मोदी का नाम या नीतीश का काम बड़ा के सवाल पर उन्होंने कहा कि ” बिहार में दोनों मिलकर काम कर रहे हैं. आजादी के बाद पहला मौका है जब केंद्र इतना मेहनत और सहयोग कर रहा है. 21 लाख से ज्यादा लोगों को मोदी सरकार ने घर तक पहुंचा दिया. ऐसे में दोनों के बीच कोई टकराहट और प्रतिस्पर्धा नहीं.

सुशील कुमार मोदी(फाइल फोटो)
         सुशील कुमार मोदी (फाइल फोटो)

पलायन पर सुमो का अजीबोगरीब बयान

राज्य में रोजगार और पलायन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि केरल और गुजरात के लोग बाहर क्यों जाते हैं ? बाहर जाना गुनाह नहीं है. बेहतर करने के लिए कोई कहीं भी जा सकता है. इसे पलायन नहीं कह सकते हैं. माइग्रेंट्स खुश हैं. कोरोना, बाढ़, बिजली का मुद्दा खत्म हो चुका है. ये सब मुद्दा नहीं है. इतने अनाज मिले कि छः महीने तक घर बैठ सकते हैं.

नीतीश कुमार बिहार में चेहरा

बिहार में बीजेपी की भूमिका पर सुमो का कहना है कि बिहार में एनडीए का चेहरा नीतीश कुमार हैं. बीजेपी और जेडीयू बिहार में साथ है लेकिन सीट जेडीयू के पास ज्यादा है. बात बड़े भाई या छोटे भाई की नहीं है बात काम की है. चिराग पासवान की पार्टी एनडीए का हिस्सा हैं.
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