पटनाः नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आज सुबह-सुबह प्रेस कॉन्फ्रेस कर सीएम नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला. वहीं, बिहार सरकार के मंत्री रामसूरत राय के भाई हंसलाल राय के स्कूल से शराब बरामदगी के मामले में तेजस्वी यादव ने नया खुलासा किया है.

तेजस्वी यादव ने इस मामले को लेकर लिखी गई पुलिस की डायरी को पढ़ते हुए कहा कि इस मामले में मंत्री जी के भांजे पर भी केस किया गया है. जब उनके भाई और भांजे पर केस किया गया तो पांच महीना होने के बाद भी उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया.

गुमराह कर रहे मंत्री

तेजस्वी यादव ने कहा कि मंत्री ने सब को गुमराह करने का काम किया है. मंत्री जी के भाई का ही स्कूल है. मेरे पास पुलिस डायरी है. डायरी में स्पष्ट लिखा है कि परिसर के मालिक मंत्री जी के भाई हंसलाल राय हैं और इस मामले में पुलिस ने जो पिकअप बरामद किया है वह भी मंत्री जी के भाई का है. इस मामले में मंत्री जी के भगिना भी आरोपी हैं. तो फिर गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया है. अभी तक उनके परिसर में थाना क्यों नहीं खोला गया.

मंत्री के भाई पर धमकाने का आरोप

तेजस्वी यादव ने सवालिया निशान खड़ा करते हुए कहा कि यह सीएम की कैसी दोहरी नीति है जो मंत्री के लिए अलग और आम आदमी के लिए अलग. तेजस्वी यादव ने कहा कि पिछले दिनों अमरेंद्र कुमार के भाई हमसे मिले थे, मेरे प्रेस कॉफ्रेंस करने के बाद मंत्री का भतीजा जाकर अमरेंद्र के परिवार के लोगो को धमकी दिए थे.

सीएम हाउसका करेंगे घेराव

तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार को ओपेन चैलेंज करते हुए कहा है कि एक सप्ताह के अंदर अगर मंत्री के भाई और भगिना को गिरफ्तार नहीं किया गया तो राजद सहित पूरा महागठबंधन सीएम आवास का घेराव करेगा. इसके साथ ही तेजस्वी यादव ने बिहार के लोगों से अपील कि है कि अगर मंत्री के भाई के परिसर में थाना नहीं खोला गया तो वैसे लोग सीएम पर केस करें जिनकी संपत्ति शराबबंदी कानून के तहत जब्त की गई है.

मंत्री के चैंलेज पर तीखी प्रतिक्रिया

तेजस्वी ने सीएम को सुझाव देते हुए कहा कि 1 अप्रैल को मद्य निषेद के 5 साल पूरे हो जाएंगे ऐसे में अगर हिम्मत है मंत्री बर्खास्त कीजिए नहीं तो विधान सभा में और मंत्रियों के आवास पर ठेका खुलवा दीजिए. गांधी जी भी खुश हो जायेंगे. तेजस्वी यादव ने मंगलवार को बिहार विधानसभा में मंत्री राम सूरत राय की तरफ से खानदान को लेकर दिए गए बयान को लेकर कहा कि मैं वैसी ओछी बाते नहीं करता.

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लेकिन यह तो सीएम और डिप्टी सीएम को सोचना चाहिए कि एक मंत्री विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के खानदान को चुनौती देते रहे और वह उन बातों को सुनते रहे. विपक्ष के नेता को मुक्का दिखाया जाता है अभद्र टिप्पणी की जाती है। और डिप्टी सीएम ताली पीटते हैं

पटना से विशाल भारद्वाज की रिपोर्ट

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