Tuesday, May 24

Textile Industry : मजदूरों को अब कपड़ा कंपनियों में काम करने नहीं जाना होगा दूसरे राज्य, बिहार में ही बनेगी टेक्सटाइल इंडस्ट्री

Textile Industry : राज्य में जल्द ही नयी टेक्सटाइल नीति लायी जायेगी। इसका प्रारूप अंतिम चरण में है। यह बात उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कही है। उन्होंने कहा कि इसके बाद इस नीति को कैबिनेट से पास कराया जायेगा। इस नीति की मदद से पटना सिटी समेत कुछ अन्य शहरों में फिर से टेक्सटाइल उद्योगों को स्थापित किया जायेगा। खासकर गंजी, अंडरवीयर समेत अन्य रेडीमेड गार्मेंट्स के उद्योग लगाये जायेंगे।

Textile Industry

Textile Industry : रेडीमेड गारमेंट्स की इंडस्ट्री हजारों लोगों को रोजगार देती है

गौरतलब है कि सूरत जैसे शहर में टेक्सटाइल उद्योग से काफी तरक्की हुई है। कोलकाता में भी रेडीमेड गारमेंट्स की इंडस्ट्री हजारों लोगों को रोजगार देती है। अधिकांश अंडरवियर और बनियान बनाने वाली कंपनियां कोलकाता में ही है। बिहार के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि कपड़ा कंपनियों में काम करने वाले 86% लोग बिहार के हैं। ऐसे में उनको हम बिहार में ही रोजगार देना चाहते हैं।

उद्योग मंत्री ने कहा कि कोरोना के दौरान जितने भी मजदूर दूसरे राज्य से लौट कर आये थे, उसमें 86 फीसदी लोग कपड़ा कंपनियों में ही काम करने वाले थे। इस वजह से राज्य में मजदूरों को बड़े स्तर पर रोजगार मिलेगा। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि बिहार के बाहर टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े प्रवासी बिहारी चाहे वो कामगार हों या मालिक सब से बात हो रही है और उनका मन बिहार आकर काम करने का बन रहा है। बिहार सरकार निवेशकों को हर सुविधा देने को तैयार है। इसके लिए नयी व्यवस्था भी लागू की जा रही है।

उद्योग मंत्री ने आगे कहा कि बिहार में भी बेहतर कंबल बनाने के लिए कामगारों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। साथ ही यह कोशिश होगी कि बिहार के बने कंबल दूसरे राज्यों में भी जाये। उन्होंने कहा कि बिहार का कंबल आज भी लोगों की पहली पसंद है लेकिन इसका समुचित ब्रांडिंग और आपूर्ति नहीं होने के कारण कामगारों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।

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