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अररिया में पटना से भी बड़े चिड़ियाघर के निर्माण के लिए सरकार की ओर से भूमि अधिग्रहण की मंजूरी मिल गई है। बता दें कि यह राज्य का दूसरा चिड़ियाघर पटना से 136 एकड़ और ज्यादा भूभाग पर होगा। जानकारी के अनुसार यह जू अररिया जिले के रानीगंज इलाके में बनेगा। पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारी ने बताया कि इसके निर्माण हेतु सेंट्रल जू अथॉरिटी सीजेडीए की तरफ से प्रथम चरण पर मुहर लग चुकी है।

इसके पश्चात सीजेडीए के माध्यम से क्वारेंटाइन रूम, फूड स्टोर, अस्पताल और कर्मचारियों के ठहरने के लिए घर एवं सभी तरह की सुविधाओं के साथ ही पर्यटकों के लिए अच्छी व्यवस्था रहेगी। इस पर विस्तृत रूप से केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को विवरण बना कर विभाग द्वारा भेजा गया था। सीजीडीए की तरफ से जून में मंजूरी मिलेगी। इसका का काम करीब 289 एकड़ भूमि में 2023 के दिसंबर महीने तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में जू निर्माण का कार्य शुरू होगा।

चिड़ियाघर

एरिया के हिसाब से अररिया चिड़ियाघर बहुत बड़ा

पटना जू की अपेक्षा अररिया जू का क्षेत्रफल के बहुत बड़ा होगा। पटना चिड़ियाघर का नाम जानवर के संदर्भ में देश के साथ आता है। पर्यावरण विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि एरिया के हिसाब से अररिया जू बहुत बड़ा होगा। यह 289 एकड़ में फैला होगा, जबकि पटना जू 153 एकड़ में है। साथ ही यह पटना से 136 एकड़ अधिक भूमि पर होगा।

मालूम हो कि देश के अधिकांश राज्य ऐसे हैं, जहां दो से तीन चिड़ियाघर है, जबकि बिहार में सिर्फ एक ही राजधानी पटना में हैं। अररिया में चिड़ियाघर निर्माण होने के बाद प्रदेश में दो बन जाएंगे, जिससे जानवरों की हेरा-फेरी में भी सरलता हो सकेगी। जू बनाने के लिए रानीगंज परिसर में 15 हिरण है।

पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के आशुतोष प्रधान ने कहा कि चिड़ियाघर बनाने के लिए तेजी से कार्रवाई हो रही है। पूर्ण रूप से इजाजत सीजेडीए से मिलने के साथ ही जानवरों की व्यवस्था कर यह शुरू हो जाएगा।

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