पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सीटों को लेकर महागठबंधन और एनडीए में घमासान जारी है. वहीं, महागठबंधन का कुनबा धीरे-धीरे कम होता जा रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बाद बड़ा घटक दल रालोसपा भी महागठबंधन से अलग होने की कगार पर है. बताया जा रहा है कि रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा का भी मोह भंग हो चुका है.

बताया जा रहा है कि उपेन्द्र कुशवाहा कभी भी गठबंधन को अलविदा कह सकते हैं. सीट बंटवारे को लेकर के उपेंद्र कुशवाहा लगातार मांग कर रहे हैं. लेकिन कांग्रेस आलाकमान और तेजस्वी यादव से मुलाकात के बाद भी अब तक सीटों को लेकर कोई आश्वासन नहीं मिला है. नतीजतन उपेंद्र कुशवाहा ने भी महागठबंधन से अलग होने का फैसला कर लिया है.

टिकट को लेकर घमासान

रालोसपा के प्रधान महासचिव आनंद माधव का कहना है कि अब तक टिकट को लेकर के एक बार भी आश्वासन नहीं मिला है. ऐसे में रालोसपा अलग विकल्प देखने के लिए स्वतंत्र है. अगर रालोसपा कोई अलग विकल्प की तलाश करता है तो इसकी जिम्मेदारी आरजेडी और कांग्रेस की होगी.

माधव आनंद
       माधव आनंद (फाइल फोटो)

उपेन्द्र कुशवाहा ने बुलाई आपात बैठक

टिकट बंटवारे को लेकर बात नहीं बनने से नाराज उपेंद्र कुशवाहा ने पार्टी कार्यकारिणी की आपात बैठक 24 सितंबर को बुलाई है. प्रधान महासचिव आनंद माधव ने बताया कि रालोसपा की अनदेखी आरजेडी की नीयत पर सवाल खड़ा होता है. ऐसे माहौल में उपेंद्र कुशवाहा ने कल सभी नेताओं की बैठक बुलाई है और इस बैठक के बाद कोई भी फैसला लिया जा सकता है.

रालोसपा नेता को तेजस्वी आरजेडी में कराई इंट्री

रालोसपा से अब तक टिकट को लेकर बात नहीं की गई है दूसरी तरफ उपेंद्र कुशवाहा के ही दल के नेताओं को तेजस्वी ने रातों-रात आरजेडी में शामिल करा लिया है. तेजस्वी के इस कदम से इससे उपेंद्र कुशवाहा काफी नाराज हैं. बता दें कि गौरतलब है कि रालोसपा युवा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मोहम्मद कामरान को मंगलवार देर रात तेजस्वी नहीं अपनी पार्टी की सदस्यता दिलाई जिससे कुशवाहा काफी नाराज हैं.
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