पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू का इस बार बेहद ही खराब प्रदर्शन रहा है. इसके पीछे लोजपा के अलावा उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोसपा का भी खासा योगदान रहा है. रालोसपा ने शाहाबाद में जेडीयू के साथ-साथ बीजेपी को काफी नुकसान पहुंचाया है. भले ही रालोसपा सीट जीतने में नाकाम रही लेकिन नीतीश कुमार के लव-कुश समीकरण को काफी हद कर कमजोर कर दिया है.

Immediately Receive Kuwait Hindi News Updates

चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद नीतीश कुमार खुद को सियासी रुप से मजबूत करने के लिए अब नये समीकरण गढ़ने में जुट गए हैं. नीतीश कुमार के पुराने दिनों के साथी रहे रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की हाल के दिनों में मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात की है. जिसके बाद अटकलों का दौर शुरू हो गया है.

शाहाबाद में कुशवाहा ने दिखाई ताकत

विधानसभा चुनाव में सीटों की संख्या में पीेछे रह गये जदयू पिछड़ी जमात में अपनी राजनीतिक ताकत में इजाफा चाहता है. इधर, लोकसभा और विधानसभा चुनाव में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के बाद उपेंद्र कुशवाहा नयी रणनीति तैयार करने में जुटे हैं. राजनीतिक विश्लेषक यह कहते रहे हैं कि चुनाव में लोजपा की रणनीति के कारण जदयू की चुनाव में कई सीटों पर हार का सामना करना पड़ा.

फाइल फोटो

कुशवाहा को पाले में करने की कवायद

वहीं, लव-कुश समीकरण में खासकर, पहले चरण के मतदान में रालोसपा में सेंध लगाई जिसकी वजह से एनडीए को नुकसान उठाना पड़ा. वहीं, अब जदयू बिहार में सियासी तौर पर मजबूत रहे कुशवाहा व मुस्लिम मतदाताओं के बीच पकड़ बनाने की कोशिश में जुटी है. इसके लिए उपेंद्र कुशवाहा एक मजबूत स्तंभ हो सकते हैं. जबकि जदयू आरजेडी के एख सीनियर मुस्लिम चेहरे पर टिका रखी है.

Get Today’s City News Updates

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here