पटना: उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में रविवार की दोपहर में ग्लेशियर फटने से भारी तबाही मची है. ग्लेशियर फटने से आसपास के इलाकों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है. इसके चलते अलकनंदा और धौली गंगा उफान पर है. पानी के तेज बहाव के मद्देनजर कीर्ति नगर, देवप्रयाग, मुनि की रेती इलाकों को अलर्ट पर रहने को कहा गया है.

पानी के बहाव में कई घरों के बहने की आशंका है. आस-पास के इलाके खाली कराए जा रहे हैं. लोगों से सुरक्षित इलाकों में पहुंचने की अपील की जा रही है. उत्तराखंड पुलिस और आईटीबीपी के जवान लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं.  अब तक 25 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है, जबकि कई लोग अब भी फंसे हुए हैं. वहीं, कई लापता भी हैं.

लापता हैं बिहार के एक इंजीनियर

इधर, इस हादसे में बिहार की राजधानी पटना के बिहटा निवासी इंजीनियर मनीष कुमार भी लापता हैं. जानकारी के अनुसार बिहटा के रानीतलाब थाना के निसरपुरा गांव निवासी मनीष कुमार के घर देर शाम उत्तराखंड से फोन आया कि हादसे के बाद से ही मनीष का कुछ पता नहीं चल रहा है. यह सुनते ही घर वालों के होश उड़ गए और वे आनन-फानन में मनीष कि खोजबीन के लिए हरिद्वार के लिए रवाना हो गए हैं.

जोशीमठ कि एक कंपनी में हैं कार्यरत 

बता दें कि उक्त गांव निवासी स्व. मदन मोहन सिंह के बेटे इंजीनियर मनीष कुमार हरिद्वार में जोशीमठ के नजदीक ओम मेटल इंफ्राटेक पावर प्रोजेक्ट कम्पनी में काम करते हैं. लेकिन रविवार की दोपहर ग्लेशियर फटने के बाद आए तेज पानी के बहाव और मलवा में वो लापता हो गए हैं. जानकारी अनुसार वो वहां पिछले तीन वर्षों से काम कर रहे हैं.

सीएम ने प्रकट की संवेदना

बता दें कि कल सीएम नीतीश कुमार ने ग्लेशियर फटने के संदर्भ में ट्वीट अपनी संवेदना प्रकट की थी. उन्होंने कहा ”उत्तराखंड आपदा में फंसे लोगों और राहत व बचाव कार्यों में लगे लोगों के लिए प्रार्थना. इस आपदा में पूरा बिहार उत्तराखंड के लोगों के साथ है. हमारे अधिकारी उत्तराखंड मुख्यमंत्री कार्यालय के सम्पर्क में हैं”.

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