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बिहार में अब जल्द ही एक के बाद एक चार एक्सप्रेस-वे का निर्माण होने जा रहा है। आने वाले कुछ सालों में ही ये एक्सप्रेसवे बन कर तैयार हो जायेंगे। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक बनने वाले एक्सप्रेस-वे का अधिकांश हिस्सा बिहार से होकर गुजरेगा। यह सड़क पूरी तरह से ग्रीन फील्ड होगी तथा इसे आबादी से हटकर बनाया जाएगा, ताकि भूमि से संबंधित कोई समस्या ना हो।

एक्सप्रेस-वे

करीब 416 किमी लंबाई में बनने वाला एक्सप्रेस-वे

प्राप्त जानकारी के अनुसार गोरखपुर के जगदीशपुर से शुरू होकर सिलीगुड़ी तक करीब 416 किमी लंबाई में बनने वाला एक्सप्रेस-वे बिहार के नौ जिलों से होकर गुजरेगा। इसमें गोपालगंज, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज शामिल हैं। साथ ही इससे उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच बेहतर कनेक्टिविटी हो सकेगी।

बताया जा रहा है कि सड़क 6 लेन की हो सकती है। इसका डीपीआर बन चुका है। बहुत जल्द एनएचएआइ से इसे मंजूरी मिलने की संभावना है। इसके साथ ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। भारतमाला परियोजना में दूसरे चरण के तहत बनने वाले इस सड़क का निर्माण 2025 तक पूरा करने की समय सीमा है।

जानकारी के अनुसार इस सड़क का डीपीआर मेसर्स एलएन मालवीय इंफ्रा प्रोजेक्टस प्राइवेट लिमिटेड भोपाल ने तैयार किया है। इसमें किसी पुरानी सड़क को शामिल करने की योजना नहीं है। आबादी से हटकर इस सड़क का निर्माण होगा। इस सड़क के तीन अलाइनमेट सामने आये थे, जिनमें से एक पर निर्णय होगा। इसके अनुसार पहले अलाइनमेंट में गोरखपुर से सिलीगुड़ी तक सड़क की लंबाई करीब 514 किमी और अनुमानित लागत करीब 27 हजार 709 करोड़ रुपये है। वहीं, दूसरे अलाइनमेंट में लंबाई करीब 473 किमी और अनुमानित लागत करीब 25 हजार 50 करोड़ रुपये है। तीसरे अलाइनमेंट में लंबाई करीब 515 किमी और अनुमानित लागत करीब 25 हजार 161 करोड़ रुपये है।

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