बाहुबली शहाबुद्दीन के बेटे की सियासत में धमाकेदार इंट्री, आरजेडी कैंडिडेट के लिए कर रहे ताबड़तोड़ कैंपेनिंग

सीवानः बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान आरजेडी के पूर्व बाहुबली सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन जेल से बाहर आ सकते हैं. वहीं, उनके बेटे अब चुनावी रण में आरजेडी प्रत्याशी के समर्थन में रैली करने में जुट गए हैं. अब तक सियासत से दूरी बना रखे बाहुबली के बेटे ने राजनीति की तरफ कदम बढ़ा दी है.

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दरअसल, दूसरे चरण में सीवान के सभी 8 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है. एनडीए, महागठबंधन और तीसरे मोर्चे की तरफ से बड़े नेता चुनावी सभी कर प्रत्याशियों के पक्ष में वोट मांग चुके हैं. वहीं, सीवान की सबसे हॉट सीट बड़हरिया के अलावे सीवान सहित सभी सीट जीतने के लिए नेताओं की तरफ से तूफानी प्रचार जारी है.

जेडीयू कैंडिडेट के खिलाफ कैंप

इस सीट से सीएम नीतीश के सबसे करीबी वर्तमान विधायक और जेडीयू प्रत्याशी श्याम बहादुर सिंह को हराने के लिए महागठबंधन ने बाहुबली के बेटे को मैदान में उतारा है,

पूर्व बाहुबली सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा चुनावी मैदान में उतर जेडीयू और आरजेडी के बीच मुकाबला कड़ा कर दिया है. वहीं, सीवान से आरजेडी के उम्मीदवार के पक्ष में लगातार चुनाव प्रचार करने जुटे हैं.

रोड शो में उमड़ी युवाओं की भीड़

बता दें कि पूर्व बाहुबली सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा ने बड़हरिया विधानसभा क्षेत्र में रोड शो किया. इस दौरान महागठबंधन समर्थित आरजेडी प्रत्याशी बच्चा पांडे के पक्ष में वोट मांगा. इस रोड शो में बड़ी संख्या में युवाओं की भीड़ जुटी.

पिता की विरासत संभालने के लिए तैयार

पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के सवाल पर कहा कि यह तो बाद की बात है, मैं हमेशा से अपने पिता के रास्ते पर ही चला हूं और इस बार बिहार में तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आरजेडी की सरकार बनेगी और यहां से बच्चा पांडे जीतेंगे.

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‘चुनाव में सिर्फ एक्टिंग कर रहे तेजस्वी यादव, आपदा में बिहार छोड़ दिल्ली में फरमाते हैं आराम’

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले फेज का मतदान संपन्न हो गया है. वहीं, सियासी दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है. आरजेडी ने एक फिर सीएम नीतीश कुमार पर हमला बोला है. बिहार में बेरोजगारी पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखे आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार के सामने नौकरी का नाम लो तो काटने को दौड़ते हैं.

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के हमले से तिलमिलाई जेडीयू ने भी पलटवार किया है. जेडीयू प्रवक्ता अभिषेक झा ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा है कि ‘पूरा देश जानता है कि बिहार किस दौर में था. जबसे नीतीश कुमार ने बिहार की बागडोर संभाली है तब से उन्होंने अपने कार्यशैली, विजन, कर्मठता और लगन की बदौलत बिहार को लालटेन युग से निकालकर एलईडी युग तक पहुंचाया है.

ये भी पढ़ेंः चुनाव के बीच बिहार का सबसे बड़ा बाहुबली आ सकता है जेल से बाहर, जानिए क्या है खास वजह

जेडीयू प्रवक्ता ने आगे कहा, चुनाव नजदीक आता देख राजद के लोग और तेजस्वी यादव कुछ भी अनाप-शनाप बोलने लगते हैं. चुनाव के वक्त ही तेजस्वी यादव एक्टिव दिख रहे हैं वरना बिहार में जब भी कोई आपदा आती है लोग किसी संकट में होते हैं तो तेजस्वी यादव या तो ट्विटर पर दिखाई देते हैं या दिल्ली के अपने फार्म हाउस में आराम फरमाते हुए पाए जाते हैं.’

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नीतीश पर लगाए थे आरोप

दरअसल तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश पर निशाना साधा है. जिसमें कहा कि ‘बिहार की वर्तमान दयनीय अवस्था के प्रमुख कारण और बिहार के युवाओं खलनायक नीतीश कुमार के सामने नौकरी शब्द का नाम लो तो काटने को दौड़ते हैं. युवा शब्द कहो तो लाठीचार्ज करवाते हैं. अब नीतीश बाबू दिशाविहीन, संकल्पविहीन, शक्तिविहीन, युक्तिविहीन हो गए हैं. अब उन्हें रिटायर करें.’

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चुनाव के बीच बिहार का सबसे बड़ा बाहुबली आ सकता है जेल से बाहर, जानिए क्या है खास वजह

बिहार विधानसभा चुनाव के बीच बिहार का सबसे बड़ा बाहुबली नेता और आरजेडी के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन सिवान लौटने वाले हैं.  शहाबुद्दीन तिहाड़ जेल से सिवान जिले के प्रतापपुर गांव स्थित अपने घर लौट सकते हैं. इस बात का खुलासा उनकी पत्नी हिना शहाब ने एनबीटी के साथ खास बातचीत के दौरान किया है. हिना शहाब ने बताया कि मोहम्मद शहाबुद्दीन पैरोल पर जेल से बाहर आ सकते हैं.

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हिना ने बताया कि उन्हें कोर्ट से उम्मीद है, वे जेल से बाहर आएंगे. 3 नवंबर को पैरोल पर सुनवाई की तारीख है.  जेल मैनुअल के मुताबिक पैरोल की प्रक्रिया को शहाबुद्दीन पूरी करते हैं.

आठ बातों पर पैरोल मिलती है, जिसमें मां-पिता की मौत हो, या बीमारी गंभीर हो, या पत्नी, भाई और बच्चों की भी मौत या गंभीर बीमारी होती है तो पैरोल हर कैदी का अधिकार है. खुशी में भी पैरोल मिलती है. यह अधिकार सजायाफ्ता और बिना सजायाफ्ता दोनों तरह के कैदी को मिलती है. बता दें कि हाल ही में मोहम्मद शहाबुद्दीन के पिता का निधन हुआ है.

ये भी पढ़ेंः सुशांत की बहनों को सताने लगा गिरफ्तारी का डर, रिया की FIR के खिलाफ उठाया बड़ा कदम

बता दें कि साल 2016 में शहाबुद्दीन को 14 साल बाद हाईकोर्ट से बेल मिलने पर घर वापसी हुई थी. उस वक्त उनकी रिहाई पर सभी लोग उसमें शामिल हुए थे, जिससे लंबा काफिला हो गया था. हालांकि, इस बार हालात कुछ और है. इस बार परिवार परेशानियों से गुजर रहा है.
एक ही साल में 3-3 हादसे हो गए. इसके बाद भी पैरोल नहीं मिला.  लेकिन इस बार उम्मीद है कि पिता के 40वां फातिया के नाम पर पैरोल मिल जाए. गौरतलब है कि फातिया 27 अक्टूबर को होना था लेकिन घर में कोई गार्जियन नहीं होने के चलते इसे आगे बढ़ाया गया है.

सुशांत की बहनों को सताने लगा गिरफ्तारी का डर, रिया की FIR के खिलाफ उठाया बड़ा कदम

सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड मामले की जांच जारी है और सीबीआई इसकी तफ्तीश में लगी हुई है. दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह केस में नया ट्विस्ट नजर आ रहा है,

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सुशांत की बड़ी बहनों प्रियंका और मीतू सिंह की सीबीआई से गिरफ्तारी का डर लग रहा है. उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट में गिरफ्तारी से बचने के लिए याचिका दायर करते हुए जल्द से जल्द सुनवाई की मांग की है.

रिया चक्रवर्ती ने सितंबर महीने में सुशांत की बहनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी और आरोप लगाया था कि बहनों ने सुशांत को बिना किसी डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के दवाइयां दी जिसकी वजह से एक्टर को पैनिक अटैक आया था.

मुंबई पुलिस ने रिया द्वारा दर्ज की गई एफआईआर की कॉपी सीबीआई को सौंपी थी. इंडिया टुडे के रिपोर्ट के मुताबिक सुशांत की बहनों को इस बात का डर है कि सीबीआई उन्हें कभी भी गिरफ्तार कर सकती है.

जल्द सुनवाई चाहती हैं सुशांत की बहन

सुशांत की बहन प्रियंका और मीतू ने बॉम्बे हाई कोर्ट में पेटिशन फाइल की है ताकि उनकी सुनवाई जल्द से जल्द कर दी जाए. याचिका में उन्होंने रिया की एफआईआर को रद्द किए जाने और अंतरिम राहत दिए जाने की मांग की है.

सुशांत की दोनों बहने चाहती हैं कि इससे पहले कि रिया द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के तहत उनके खिलाफ किसी एक्शन की संभावना बने, उनकी सुनवाई कोर्ट में हो जाए. यही बात दोनों ने अपने वकील के माध्यम से जस्टिस एस एस शिंदे और जस्टिस एम एस कर्निक के सामने रखी.

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वोटिंग के लाइन में खड़ा किसान अचानक गिर पड़ा, फिर परिवार पर टूटा गमों का पहाड़

पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान चल रहा है. 71 विधानसभा सीट पर कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान कराया जा रहा है. वहीं, नवादा जिले से एक दुखद खबर आ रही है जहां, बीजेपी के एक पोलिंग एजेंट का निधन हो गया है. वहीं, रोहतास में एख वोटर की मौत हो गई है.

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बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान चल रहा है. 71 विधानसभा सीट पर कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान कराया जा रहा है. वहीं, नवादा जिले से एक दुखद खबर आ रही है जहां, बीजेपी के एक पोलिंग एजेंट कृष्णा सिंह की इलाज के दौरान ही  मौत हो गई. सीने में अचानक हुए दर्द से जब उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

ये भी पढ़ेंः पीएम नरेंद्र मोदी के बिहार आगमन से पहले तेजस्वी ने लिखा लंबा-चौड़ा पोस्ट, एक-एक कर पूछे सवाल

दूसरी घटना रोहतास की है जहां,  वोट देने आए एक वोटर की मौत हो गई. मृतक की पहचान 65 वर्षीय किसान हीरा महतो के रुप में हुई है. जिले के संझौली के मध्य विद्यालय उदयपुर स्थित मतदान केंद्र संख्या 151 पर वोट देने आये थे. मतदान के लिए कतार में लगे हीरा बेहोश होकर गिर गए. जब तक लोगों को कुछ समझ में आता हीरा लाल की मौत हो चुकी थी. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है.

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पीएम नरेंद्र मोदी के बिहार आगमन से पहले तेजस्वी ने लिखा लंबा-चौड़ा पोस्ट, एक-एक कर पूछे सवाल

पटनाः नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी याादव एनडीए की केंद्र और बिहार सरकार पर लगातार हमलावर हैं. आरजेडी नेता ने इस बार चुनाव में बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, पलायन को मुख्य मुद्दा बनाया है. तेजस्वी यादव लगातार अपनी सभाओं में युवाओं को 10 लाख नौकरी देने की बात कहते हैं. वहीं, अब पीएम नरेंद्र मोदी के बिहार आगमन से पहले सोशल मीडिया पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखा हैं.
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तेजस्वी यादव ने कहा कि कल आदरणीय प्रधानमंत्री जी बिहार आ रहे है। मैं दिल्ली और पटना की ड़बल इंजन सरकार से निम्नलिखित सवाल पूछना चाहता हूँ कि
1. वो बताए दरभंगा AIIMS की घोषणा 2015 में हुई लेकिन ऐन चुनाव से पहले ही उसके कार्यारंभ की घोषणा क्यों की गयी?
2. माननीय प्रधानमंत्री जी, मुज़फ़्फ़रपुर भी आ रहे है। सत्ता संरक्षण में मुज़फ़्फ़रपुर बालिका गृह कांड में 34 अनाथ बच्चियों के साथ हुए जन बलात्कार के मुख्य आरोपी को मुख्यमंत्री ने बचाया ही नहीं बल्कि उसके घर जन्मदिन की पार्टी में गए, उसे निरंतर वित्तीय मदद की और चुनाव भी लड़वाया? क्या प्रधानमंत्री जी ड़बल इंजन सरकार के इस घृणित कार्य पर बोलेंगे?
3. दरभंगा और मुज़फ़्फ़रपुर में ड़बल इंजन सरकार ने Super Speciality हॉस्पिटल बनाने का वादा किया था लेकिन आज तक नहीं बना। डाक्टर्स की नियुक्ति भी नहीं हुई?
4. ड़बल इंजन सरकार ने वर्षों पहले Skill University बनाने का वादा किया था? क्या हुआ उस वादे का?
5. आशा है आदरणीय प्रधानमंत्री जी पटना में हुए जल जमाव के कारण उपमुख्यमंत्री श्री सुशील मोदी जी द्वारा हाफ़ पैंट में पड़ोसियों को मरते छोड़ नाव से भागने की घटना और वर्षों से पटना नगर निगम और शहरी विकास विभाग में क़ाबिज़ सत्ताधारी दल की उपलब्धियों के बारे में भी विमर्श करेंगे.
6. प्रधानमंत्री जी को बिहारवासियों को बताना चाहिए कि देश के टॉप 10 सबसे गंदे शहरों में बिहार के 6 शहर क्यों है? पटना और बिहार की इस बदहाली का ज़िम्मेवार कौन है?
7. आदरणीय नीतीश कुमार जी इतने कमजोर मुख्यमंत्री क्यों है जो डबल इंजन सरकार और एनडीए के 40 में से 39 सांसद होने के बावजूद पटना यूनिवर्सिटी को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का भी दर्जा नहीं दिला पाए? क्या बिहारवासियों को अब भी ऐसा कमजोर मुख्यमंत्री और डबल इंजन सरकार चाहिए?
8. प्रधानमंत्री जी बतायेंगे कि देश में सबसे अधिक युवा आबादी वाले प्रदेश बिहार में सबसे अधिक बेरोजगारी क्यों है? 6 वर्षों की केंद्र और 15 वर्षों की बिहार सरकार ने मिलकर बिहार में कितनी नौकरियों का सृजन किया?
9. ड़बल इंजन सरकार बताए कि 15 वर्षों में एनडीए शासनकाल में बिहार के हर दूसरे घर से पलायन क्यों हुआ? सुशासन राज में पलायन में वृद्धि क्यों हुई?
10. ड़बल इंजन सरकार बताए कि कोटा में फँसे हज़ारों छात्रों, देशभर में फँसे लाखों मज़दूरों को बिहार आने से क्यों रोका गया?
11. 2015 के चुनाव में प्रधानमंत्री जी ने कथित सुशासनी सरकार के 33 घोटाले गिनाए थे? उसके बाद हज़ारों करोड़ के सृजन सहित अन्य 27 बड़े घोटाले हुए है। सृजन घोटाले के मुख्य आरोपियों को सीबीआई अभी तक पकड़ नहीं पाई है. घोटालों के मास्टरमाइंड खुलेआम एनडीए नेताओं के साथ क्यों घूम रहे है?

आरोपों से तिलमिलाई कंगना रनौत ने उद्धव ठाकरे को दिया मुंहतोड़ जवाब, कहा-शर्म आनी चाहिए आपको…

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे  और कंगना रनौत के बीच तीखी नोक-झोंक ने नया मोड़ ले लिया है. अभिनेत्री ने आज ट्वीट्स कर मुख्यमंत्री पर जमकर निशाना साधा. रविवार को उद्धव ठाकरे ने कंगना रनौत का नाम लिए बिना “पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर कहकर मुंबई का दुरुपयोग करने वालों” पर हमला किया था.

ठाकरे ने कहा, “जिन लोगों के घर में आजीविका का कोई साधन नहीं है, वे मुंबई आते हैं और इसके साथ विश्वासघात करते हैं. मुंबई पीओके को कहना वास्तव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विफलता है. उन्होंने (पीएम) कहा था कि वह पीओके को भारत में वापस लाएंगे.” महाराष्ट्र से नफरत करने वालों ने राज्य को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

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भाई-भतीजावाद के सबसे बदतर उत्पाद

इसके जवाब में, कंगना ने सीएम को भाई-भतीजावाद का “बदतर उत्पाद” कहा. उन्होंने लिखा, “संजय राउत ने मुझे हरमखोर कहा था, अब उद्धव ठाकरे ने मुझे नामक-हराम कहा, वह दावा कर रहे हैं कि अगर मुंबई ने मुझे आश्रय नहीं दिया होता तो मुझे मेरे राज्य में खाने को नहीं मिलता, आपको शर्म आनी चाहिए, मैं आपके बेटे की उम्र का हूं आप इस तरह से एक खुद अपना मुकाम हासिल करने वाली महिला से बात करते हैं, मुख्यमंत्री… आप भाई-भतीजावाद के सबसे बदतर उत्पाद हैं.”

धन का नशा नहीं

कंगना ने आगे लिखा “मुख्यमंत्री मैं आप की तरह अपने पिता की शक्ति और धन के नशे में नहीं हूं, अगर मैं एक भाई भतीजावाद का उत्पाद बनना चाहती तो मैं हिमाचल में रह सकती थी. मैं एक प्रसिद्ध परिवार से हूं, मैं उनकी दौलत और एहसानों से दूर नहीं रहना चाहता थी, कुछ लोगों का स्वाभिमान और आत्म सम्मान है.”

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रंगदारी नहीं देने पर दिन दहाड़े किडनैप करने की मिल रही धमकी, दहशत में बीजेपी नेत्री

पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान शिवहर में खूनी खेल का मंजर हर किसी ने देखा. पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद अपराधी अपने मनसूबों में कामयाब हो रहे हैं. वहीं, अब अपराधियों ने बिहार बीजेपी के एक नेत्री को किडनैप करने की धमकी दे रहे हैं.

बिहार बीजेपी की नेत्री अमृता भूषण को किडनैप करने की धमकी मिली है. उनका आरोप है कि उनसे व्हाट्सऐप कॉल के जरिये रुपये की मांग की जा रही है. रकम नहीं देने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी जा रही है. धमकी भरे कॉल सेबीजेपी नेत्री दहशत में हैं. इस मामले में वरीय पुलिस अधिकारी और साइबर सेल में कंप्लनेन दर्ज करवाया है. बीजेपी नेत्री के मुताबिक  7292885504, 9534668772 मोबाइल नंबर से  धमकी आ रही है.

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जेपी नड्डा के साथ अमृता भूषण
जेपी नड्डा के साथ अमृता भूषण

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बता दें कि अमृता भूषण बिहार प्रदेश भाजपा की मंत्री हैं. बीजेपी नेत्री की तरफ से दर्ज शिकायत के अनुसार, मोबाइल पर अपराधी अंजान नंबरों से फोन कर रंगदारी मांग रहे हैं.

रंगदारी नहीं देने पर उन्हें किडनैप करने तक की धमकी दी जा रही है. दूसरी तरफ गंभीर परिणाम भुगतने की भी चेतावनी दी गई है. उनका कहना है कि उनके मोबाइल व्हाट्सएप के जरिये कॉल अथवा मैसेज भेज कर परेशान किया जा रहा है. रविवार की सुबह से ही बीजेपी नेत्री को परेशान किया जा रहा है.

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हर शादी, पार्टी, डीजे में बजता था चिराग पासवान की फिल्म का यह गाना, कंगना के साथ था जबरदस्त कमेस्ट्री

पटनाः दिवंगत रामविलास पासवान के बेटे और एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान इन दिनों सुर्खियों में हैं. 2014 में जमुई से सासंद बने चिराग इन दिनों बिहार की सियासत में अकेले दम पर अपनी छाप छोड़ने की कोशिश में हैं. वहीं, जेडीयू अध्यक्ष सूबे के मुखिया नीतीश कुमार को लगातार राजनीति में टक्कर दे रहे हैं.

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वंशवाद की पॉलीटिक्स में चिराग ने खुद को हर कदम पर प्रूफ किया है. चाहे वो 2014 के लोकसभा चुनावों में एनडीए के साथ आना हो या 2019 के आम चुनावों से पहले सीटों का बटवारा. 31 अक्टूबर 1982 को जन्मे चिराग ने कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करने के बाद फैशन डिजायनिंग में भी अपना हाथ आजमाया था.

सियास से दूर बॉलीबुड में चिराग ने करियर बनाने की कोशिश भी की जिसमें उन्हें नाकामयाबी हासिल हुई. चिराग का पहला प्यार राजनीति नहीं है उन्होंने अपना करियर एक्टिंग में शुरू किया था.

कंगना रनौत के साथ चिराग पासवान
कंगना रनौत के साथ चिराग पासवान

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2011 में मिले ना मिले हम से बॉलीवुड में कदम रखने वाले चिराग को फिल्मी दुनियां में कामयाबी नहीं मिली. पहली फिल्म में चिराग का लुक बहुत कूल था. मिले ना मिले हम के लिए चिराग का नामांकन सुपर स्टार कैटेगरी में स्टारडस्ट अवार्ड के लिए भी हुआ था.

फिल्म चल नहीं पाई और चिराग पासवान के फिल्मी करियर का अंत भी इसी फिल्म के साथ हो गया. जिसके बाद उनके पिता ने सियासत में उनकी इंट्री दिलाई.

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आइटम सांग में जमकर थिरके चिराग

चिराग की डेब्यू फिल्म ‘मिले ना मिले हम’ को दर्शकों का बेहद ठंडा रिस्पॉन्स मिला था. उस समय यह फिल्म फ्लॉप हो गई थी. हालांकि फिल्म में चिराग के अलावा कंगना रनौत, नीरू बाजवा और सागरिका घटगे जैसी हिरोइन भी थीं फिर भी फिल्म नहीं चली,

हालांकि, फिल्म का एक आइटम सांग कट्टो गिलहरी छमक छल्लो रानी चल पड़ी. इस आइटम सांग में चिराग पासवान श्वेता तिवारी के साथ जमकर थिरकते नजर आए थे.

पिता के स्वास्थ्य को देख सियासत में इंट्री

दलेर मेंहदी और ममता शर्मा के गाए गाने ने उस समय जमकर धमाल मचाया था. इस गाने को हर शादी, पार्टी, बारात में गाना काफी डिमांड में रहते था. इस फिल्म में चिराग और उनकी हिरोइन कंगना रनौत का कमेस्ट्री जबर्दस्त था.

चिराग उस समय ऐक्टिंग को कुछ और समय देना चाहते थे लेकिन पिता के गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए उन्होंने फुल टाइम पॉलिटिक्स को अपना लिया और सांसद बन गए. हालांकि, इसके बाद भी कई मौकों पर कंगना को चिराग ने खुल कर समर्थन दिया है.

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दिवाली-छठ पर बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी, रेलवे ने दी स्पेशल ट्रेनें, देखें पूरी लिस्ट

पटनाः पर्व-त्योहार के दौरान घर जाने वालों के लिए खुशखबरी है. रेलवे दीपावली और छठ त्योहारों को देखते हुए यात्रियों की सुविधाओं के लिए और नई ट्रेनें चला रहा है. रेलवे की तरफ से फेस्टिव सीजन देखते हुए स्‍पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है. इन ट्रेनों में से कुछ दैनिक ट्रेनें हैं जबकि कुछ साप्‍ताहिक.
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नई टेनों में कोटा से वैष्‍णो देवी कटरा और ऊधमपुर के लिए अलग-अलग ट्रेन हैं. प्रतापगढ़ से भोपाल के बीच भी हफ्ते में तीन दिन जबकि एक ट्रेन जबलपुर से कटरा के लिए भी रेलवे चलाएगा,

वहीं,बरेली से भुज के बीच भी एक फेस्टिवल स्‍पेशल ट्रेन रविवार से शुरू होगी. वहीं, रेलवे ने बिहार के लिए कई ट्रेन दी है. इसमें सूरत से छपरा, गोरखपुर से अहमदाबाद, मुजफ्फरपुर से दिल्‍ली के लिए खास ट्रेनों का परिचालन होगा.  हालांकि इन ट्रेनों में कोरोना वायरल संक्रमण को लेकर एहतियात बरतना होगा.

बिहार के लिए खास ट्रेनें

गुजरात के सूरत से छपरा के लिए क्‍लोन सुपरफास्‍ट स्‍पेशल ट्रेन रेलवे चलाएगा. ये ट्रेन दो दिन जौनपुर में हाल्‍ट करेगा. मुजफ्फरपुर और दिल्‍ली के बीच चलने वाली स्‍पेशल ट्रेन की टाइमिंग को रेलवे ने बदला है. हाजीपुर से यह ट्रेन अब शाम 5.15 की जगह शाम 4.25 बजे से रवाना होगी.

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