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पहले की तुलना में बिहार के लोगों को होने वाली विद्युत की समस्या अब काफी कम चुकी है। राज्य में एक के बाद एक लगातार कई एनटीपीसी की इकाइयों से अधिक उत्पादन शुरू होने की वजह से अब बिजली व्यवस्था मे कई हद तक सुधार हुआ है। पटना जिले में एनटीपीसी की इकाई के स्टेज-1 की दूसरी यूनिट का बॉयलर लाइट अप टेस्ट सफल रहा। शनिवार को 660 मेगावाट की इकाई का सफल टेस्ट किया गया।

बिहार को 402 मेगावाट बिजली मिलेगी

बताया जा रहा है कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में ही इस यूनिट से व्यावसायिक उत्पादन आरंभ हो जाएगा। इस यूनिट से बिहार को 402 मेगावाट बिजली मिलेगी। इसके बाद बिहार में बिजली की उपलब्‍धता और अधिक बढ़ जाएगी। इससे छोटे शहरों और गांवों में भी पावर कट से लोगों को निजात मिलेगी। इस प्रोजेक्ट के संबंध में बाढ़ एनटीपीसी के मुख्य महाप्रबंधक ने जानकारी दी कि नवंबर 2021 से ही स्टेज-1 की पहली यूनिट से बिहार को बिजली आपूर्ति हो रही है। दूसरी यूनिट के व्यावसायिक उत्पादन आरंभ हो जाने के बाद आपूर्ति और अधिक हो जाएगी।

बाढ़ के स्टेज-2 यूनिट की 90.8 प्रतिशत बिजली तथा स्टेज-1 की यूनिट से 60.91 प्रतिशत बिजली बिहार को आवंटित है। वर्तमान में एनटीपीसी से बिहार को 5361 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। इधर औरंगाबाद जिले में एनटीपीसी के तीसरी यूनिट से भी बिजली की उपलब्धता बड़ी है। ऐसे में आने वाले दिनों में बिहार में बिजली की ज्यादा किल्लत नहीं होगी।

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