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नोट – ( कृपया जवाब पूरा पढ़े बिना किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें )

पेशाब करने के तुरंत बाद पानी पीने से गुर्दे क्षतिग्रस्त हो सकते हैं और पेशाब के बाद ही नहीं बल्कि सामान्य तौर पर भी पानी कम से कम पीना चाहिए…. सिर्फ सुबह आधा गिलास, आधा गिलास दोपहर में. और आधा गिलास रात को सोते समय बस।

इससे अधिक पानी पीने से गुर्दे नष्ट हो सकते हैं क्योंकि जैसे आप पानी पीते हैं तो गुर्दे पानी को फिल्टर करने में लग जाते हैं, और शरीर के किसी भी ऑर्गन को काम में लगना सही नहीं है। जैसे अगर कोई आदमी बहुत ज्यादा काम करता है तो उसके हाथ-पैर घिस जाते हैं उसी तरह ही पानी पीने से गुर्दे खराब हो जाते हैं। वैसे एक राज की बात और बताना चाहता हूं चलने से पैर घिस सकते हैं, पढ़ने से आंखें खराब हो जाती हैं और बोलने से गला।

उपरोक्त जवाब सिर्फ एक व्यंग है, इसे सीरियसली न लें सच बात तो यह है कि पानी आप कभी भी पियें उससे गुर्दे खराब नहीं हो सकते, बस पानी जैविक रूप से बैक्टीरिआ मुक्त और रासायनिक रूप से हानिकारक केमिकल रहित होना चाहिए बल्कि ज्यादा पानी पीना गुर्दों के लिए अच्छा होता है ( प्रतिदिन कम से कम 1 लीटर / 36 किलो वजन पर ज़रूर पीना चाहिए और अगर गर्मी का मौसम है या आप अधिक मेहनत का काम कर रहे हैं

जिससे पसीना निकलता हो तो और भी ज्यादा पानी पीना चाहिए )। आजकल ब्लॉगिंग का जमाना है और हर इंसान अटेंशन चाहता है इसलिए अक्सर ऐसे सवाल और उनके जवाब लिखे जाते हैं कि आदमी पढ़ने को मजबूर हो जाए अगर 10 लोग कह रहे होंगे कि केले खाने से स्वास्थ्य अच्छा होता है तो एक आदमी ऐसा मिल जाएगा वह यही कहेगा कि केला खाने से स्वास्थ्य खराब होता है, तो सब लोग उसकी बात को गौर से सुनेंगे। बस यही बात समझने वाली है

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