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देशभर में महंगाई को लेकर लगातार सवाल किया जाता है, क्योंकि महंगाई दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। पेट्रोल डीजल के दाम लगातार आसमान छू रहे हैं। जबकि अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल के दामों में भारी गिरावट देखी गई है। फिर भी हिंदुस्तान में पेट्रोल डीजल के दामों में कोई गिरावट नहीं आई हैं। इसलिए अब जनता द्वारा लगातार पेट्रोल डीजल के दामों में कटौती करने की मांग हो रही है

मिली जानकारी के अनुसार अभी के समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 90.72 डॉलर प्रति बैरल तक आ चुकी है जबकि वहीं 6 जून को कच्चा तेल $120 प्रति बैरल पर था. इतने कमी के बावजूद भी इसका मुनाफा अब तक भारतीय बाजार में उपभोक्ताओं को नहीं दिया गया है। दिल्ली के गुड्स ट्रांसपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन के प्रेसिडेंट राजेंद्र कपूर ने अपनी बात रखते हुए बताया कि सरकार कच्चे तेलों के गिर रहे रेट का लाभ उपभोक्ताओं को नहीं दे रही हैं और सारा मुनाफा तेल कंपनियां उठा रही हैं।

वही गौर करने वाली बात यह भी है कि जब भी इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेलों के दाम बढ़ते हैं तो भारत में भी पेट्रोल डीजल के दामों में बढ़ोतरी कर दी जाती है तो सवाल यह भी उठता है कि जब वहां पर दाम कम हो रहे हैं तो भारत में दाम कम क्यों नहीं हो रहे हैं। पहले से ही टूरिज्म इंडस्ट्री मार झेल रही है और आर्थिक तंगी से जूझ रही है अब पहले की तरह बुकिंग नहीं हो रही है। साथ ही साथ गाड़ियों की किस्ते और परिवार का खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है ।

हालांकि अब देखना यह है कि जनता की मांग सरकार कब मानती है और पेट्रोल डीजल के दामों में कटौती होती भी है या नहीं। पिछले दिनों सरकार ने पेट्रोल डीजल के दामों में एक्साइज ड्यूटी घटा दी थी। लेकिन इंटरनैशनल मार्केट में कच्चे तेल के दाम घटने की वजह से भारत में भी तेलों के दाम में गिरावट आनी चाहिए ऐसा जनता का कहना है।

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