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बिहार में सियासी उलटफेर के बाद नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव के साथ मिलकर महागठबंधन की सरकार फिर से बन गई है. नीतीश कैबिनेट का विस्तार मंगलवार को हो रहा है. जिसमें आरजेडी को जेडीयू से ज्यादा मंत्री बन रहे हैं.

वहीं, कांग्रेस का कद पिछली बार की महागठबंधन सरकार से कम हो गया है. ऐसे में कई बड़े नेताओं के मंत्री बनने के आरमानों पर भी पानी फिर गया है. सबसे बड़ा झटका जेडीयू संसदीय दल के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को लगा है. इसके साथ ही कई जेडीयू और आरजेडी के कई बड़े नेताओं को झटका लगना तय माना जा रहा है.

कुशवाहा को नहीं मिल रही मंत्रिमंडल में एंट्री?

बिहार की सियासत में ओबीसी के दिग्गज नेता माने जाने वाले उपेंद्र कुशवाहा के मंत्री बनने के उम्मीदों पूरी होती नजर नहीं आ रही है. जेडीयू कोटे की संभावित मंत्रियों के नाम की जो लिस्ट सामने आई है, उसमें उपेंद्र कुशवाहा का नाम शामिल नहीं है जबकि कुशवाहा समुदाय से आने वाले जयंत राज फिर से मंत्री बनने की रेस में है. उपेंद्र कुशवाहा को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी नेताओं में माना जाता है.

जेडीयू से अलग होकर उपेंद्र कुशवाहा ने अपनी अलग एक पार्टी बनाई थी, लेकिन 2020 चुनाव के बाद जेडीयू में विलय कर दिया था. ऐसे में नीतीश ने उन्हें एमएलसी बनाते हुए जेडीयू संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाया था, लेकिन मंत्री नहीं बनाया था. ऐसे में माना जा रहा था कि महागठबंधन सरकार में उन्हें मंत्री बनना का मौका मिल सकता है, लेकिन उस पर भी ग्रहण लग गया है. कुशवाहा शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो रहे हैं.

कांग्रेस के कई नेताओं के अरमानों को झटका

नीतीश और तेजस्वी यादव की अगुवाई वाली सरकार में कांग्रेस कोटे से फिलहाल दो मंत्री ही मंगलवार को शपथ लेंगे. ऐसे में जिन नेताओं के नाम संभावित मंत्री की लिस्ट में आए हैं, उसमें कांग्रेस के दिग्गज नेता मदन मोहन झा का नाम शामिल नहीं है. मुस्लिम नेताओं में जिन नेताओं के नाम सामने आए हैं, उसमें आफाक आलम और शकील अहमद में से कोई एक नेता ही मंत्री बन सकता है. ऐसे ही दलित नेताओं में जिनकी चर्चा है, उनमें मुरारी लाल गौतम और राजेश राम में से किसी एक को मंत्री पद मिलेगा.

आरजेडी से कई नेताओं को लगेगा झटका

आरजेडी कोटे से सबसे ज्यादा मंत्री बन रहे हैं, लेकिन कई सियासी समीकरण को साधने के चलते कई दिग्गज नेताओं के मंत्री बनने का सपना साकार होता नहीं दिख रहा है. आरजेडी से दो मुस्लिम विधायक ही मंत्री बन रहे हैं, लेकिन कई नेता रेस में है. ऐसे में आरजेडी के मुस्लिम नेताओं का सियासी समीकरण असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी छोड़कर आए विधायक ने बिगाड़ दिया है. AIMIM छोड़कर आए चार विधायकों में से किसी एक का मंत्री बनना तय है.

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