0Shares

रिंकू सिंह : इंडियन प्रीमियर लीग की का खिताब दो बार अपने नाम कर चुकी कोलकाता नाइट राइडर्स की किस्मत ने इस बार टीम का साथ नहीं दिया। इस साल ये टीम प्लेऑफ तक का सफर भी तय नहीं कर पाई।

केकेआर को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए अपने आखिरी मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स को हराना था, लेकिन टीम को एक रोमांचक मैच में 2 रन से हार का सामना करना पड़ा, जो काफी करीबी मामला था। इस मैच में लखनऊ ने पहले बल्लेबाजी करते हुए क्विंटन डी कॉक के शतक (140) और केएल राहुल के अर्धशतक (68) की मदद से बिना विकेट खोये 20 ओवरों में 210 रन का स्कोर खड़ा किया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी केकेआर की टीम की तरफ से श्रेयस अय्यर, सैम बिलिंग्स और नीतिश राणा ने बेहतरीन पारियां खेली। वहीं, अंत में रिंकू सिंह ने मैच के आखिरी ओवरों में तूफानी बल्लेबाजी करते हुए 15 गेंदों में 40 रन बनाए।

रिंकू सिंह

रिंकू सिंह ने पहली चार गेंदों पर 18 रन बना लिए

कोलकाता को जीत के लिए आखिरी ओवर में 21 रन की जरुरत थी। रिंकू सिंह ने पहली चार गेंदों पर 18 रन बना लिए थे, लेकिन पांचवीं गेंद पर वह आउट हो गए, जिस वजह से ये मैच केकेआर के हाथों से निकल गया।

पिछले 5 सालों से रिंकू सिंह चोट और अन्य वजहों से टीम से बाहर रहे है। वहीं, अब उत्तर प्रदेश के इस क्रिकेटर रिंकू सिंह ने अपनी जिंदगी से जुड़े एक किस्से के बारे में बताया है। उन्होंने बताया कि उनके एक बार चोटिल होने के बाद उनके पिता ने दो-तीन दिनों तक खाना नहीं खाया था।

रिंकू सिंह ने कहा, ”मैं इतने लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहकर खुश नहीं था। मेरे पिता ने 2-3 दिनों तक खाना नहीं खाया। मैंने उनसे कहा कि यह सिर्फ एक चोट है और यह क्रिकेट का हिस्सा होता हैं। मैं अपने घर का एकमात्र कमाने वाला हूं और जब ऐसी चीजें होती हैं, यह चिंता करने वाली होती हैं।”

रिंकू सिंह 2018 से अनियमित रूप से कोलकाता नाइट राइडर्स का हिस्सा रहे है। इस सीजन में जब उन्हें मौका मिला तो उन्होंने अच्छा प्रदर्शन करके दिखाया।

रिंकू सिंह ने आगे कहा, ”वे 5 साल मेरे लिए वास्तव में मुश्किल भरे थे। पहले साल के बाद, जब केकेआर ने मुझे अपने साथ जोड़ा और मुझे खेलने का मौका मिला, तो मैं अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहा। हालांकि, फिर भी केकेआर ने मुझ पर बहुत भरोसा जताया और उन्होंने मुझे अगले कुछ सीजन के लिए रिटेन कर लिया।”

उत्तर प्रदेश के इस खिलाड़ी को कोलकाता नाइट राइडर्स ने 55 लाख में अपनी टीम में दोबारा शामिल कर लिया था। वहीं रिंकू सिंह ने भी टीम मैनेजमेंट को निराश नहीं किया। उन्होंने इस सीजन में 7 मैच खेले है और 148.72 के स्ट्राइक रेट से 174 रन बनाये है। इसके अलावा उन्होंने बेहतरीन फील्डिंग का भी प्रदर्शन किया है।

रिंकू के फर्स्ट क्लास करियर की बात की जाए तो उन्होंने अभी तक 30 मैच खेले है और 64.08 के शानदार औसत के साथ 2307 रन बनाये है। इस दौरान वो 5 शतक और 16 अर्धशतक लगाने में कामयाब रहे है।

इसके अलावा उन्होंने 41 लिस्ट ए मैचों में उत्तर प्रदेश को रिप्रेजेंट करते हुए 50.50 की औसत के साथ 1414 रन अपने खाते में जोड़ने में कामयाब रहे है। इस दौरान रिंकू के बल्ले से 1 शतक और 12 अर्धशतक देखने को मिले है।

Leave a comment

Your email address will not be published.